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2029 तक 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने का अमित शाह का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि 2029 तक भाजपा और एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। इस योजना के पीछे की रणनीति और संभावनाओं पर चर्चा की गई है। क्या यह संभव है? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और अधिक जानकारी।
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समान नागरिक संहिता का ऐलान


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक भाजपा और एनडीए द्वारा शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई ऐसे कार्यों की समय सीमा तय की है, जिनका समय पूरा होने पर उन्हें सफल घोषित किया गया। खुले में शौच से मुक्ति से लेकर नक्सलवाद के खिलाफ कई घोषणाएं की गई हैं। अब सवाल यह है कि क्या यूसीसी भी इसी तरह लागू होगा या इसके लिए कोई ठोस योजना है?


यूसीसी का कार्यान्वयन तभी संभव है जब अमित शाह को विश्वास हो कि अगले तीन वर्षों में इन 21 राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकारें बनी रहेंगी। एक विकल्प यह भी है कि जिन राज्यों में अगले दो वर्षों में चुनाव हैं, वहां चुनाव से पहले यूसीसी लागू किया जाए।


अगले वर्ष फरवरी में पांच राज्यों में चुनाव होने हैं, इसके बाद नवंबर में दो और राज्यों में चुनाव होंगे। इनमें से एक पंजाब में आम आदमी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, जबकि अन्य पांच राज्यों में भाजपा की सरकार है। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है और गुजरात में बिल पास हो गया है। क्या बाकी तीन राज्यों में चुनाव से पहले यूसीसी लागू होगा? यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि भाजपा सत्ता में नहीं लौटती, तो क्या होगा?


उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभी तक यूसीसी का बिल पास नहीं किया है, जबकि राज्य में चुनाव होने में केवल पांच महीने बचे हैं। क्या भाजपा की सरकारें उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में यूसीसी लागू कर पाएंगी या वे इस विश्वास में हैं कि चुनाव के बाद भी उनकी सरकार बनेगी?


2028 में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जिनमें कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। क्या भाजपा को विश्वास है कि वह पूर्वोत्तर के चार राज्यों में यूसीसी आसानी से पास करा लेगी? यदि चुनाव से पहले यह नहीं हुआ और भाजपा या उसकी सहयोगी पार्टी सत्ता में नहीं आई, तो क्या होगा? अमित शाह ने यह घोषणा की है, इसलिए यह निश्चित रूप से सोच-समझकर किया गया होगा!