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BRICS समिट में मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की ऐतिहासिक तस्वीर

नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक तस्वीर ने वैश्विक राजनीति में एकता का संदेश दिया है। यह तस्वीर उस समय सामने आई है जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है, खासकर मिडिल ईस्ट और यूक्रेन के संघर्षों के कारण। जानें इस तस्वीर के पीछे की कहानी और इसके महत्व के बारे में।
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तीन नेताओं की एक तस्वीर का महत्व

नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। इस तस्वीर में तीनों नेता एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं, जो इस समय के तनावपूर्ण माहौल में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


एकता का प्रतीक: मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग

BRICS समिट के दौरान खींची गई इस तस्वीर में पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक साथ खड़े हैं, और उनके बीच का माहौल हल्का-फुल्का प्रतीत होता है। यह तस्वीर उस समय आई है जब भारत BRICS की मेज़बानी कर रहा है, और वैश्विक तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट और यूक्रेन के संघर्षों के कारण बढ़ रहा है। भारत रूस और चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जबकि अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ भी अपनी रणनीतिक साझेदारी बनाए रखे हुए है।


BRIC से BRICS तक: ऐतिहासिक संबंध

भारत, रूस और चीन BRIC समूह के संस्थापक देशों में से हैं, जिसमें 2006 में ब्राजील भी शामिल हुआ। इस प्रकार, तीनों नेताओं की यह तस्वीर BRICS के पुराने संबंधों को भी उजागर करती है। यह तस्वीर उस दिन सामने आई जब पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की एक साथ खींची गई तस्वीर भी वायरल हुई थी। दोनों तस्वीरों ने BRICS समिट की गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।


मोदी और पेजेश्कियान की तस्वीर का प्रभाव

पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की तस्वीर उस समय वायरल हुई थी जब ईरान एक बड़े क्षेत्रीय टकराव का सामना कर रहा था। इस तनाव का प्रभाव ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है। इसके बाद मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की तस्वीर ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, यह तस्वीर किसी नए समझौते या निर्णय की घोषणा नहीं करती, लेकिन तीनों नेताओं का एक साथ होना BRICS समिट के दौरान भारत, रूस और चीन की उपस्थिति को महत्वपूर्ण बनाता है।