CJI सूर्यकांत ने राजनीतिक गतिविधियों से सुप्रीम कोर्ट को दूर रखने की अपील की
CJI की स्पष्ट चेतावनी
नई दिल्ली. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। CJI ने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन द्वारा प्रस्तावित मार्च से न्यायालय के कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
मार्च की घोषणा और CJI की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान किया था, जिसमें INDIA गठबंधन चुनावी अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। CJI सूर्यकांत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की 33वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अदालत किसी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं है और अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है।

लोकतांत्रिक गतिविधियों का महत्व
CJI ने कहा, "हम किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं। संस्था अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलने दिया जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
CJI ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, लेकिन अदालत के कार्यों को प्रभावित न होने दें। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। हर भारतीय नागरिक को अदालत का रुख करने का अधिकार है। हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और उचित राहत प्रदान करेंगे।"
