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CJP के आंदोलन में नया मोड़: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अनिवार्य

CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार विवाद का समाधान चाहती है, तो उनकी पहली शर्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। डिपके ने यह भी बताया कि आंदोलन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर के युवाओं का एक बड़ा अभियान बन चुका है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और इसके पीछे की मांगें।
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CJP और सरकार के बीच बातचीत से पहले नया मोड़


सरकार और CJP संगठन के बीच प्रस्तावित वार्ता से पहले आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत डिपके ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यदि केंद्र सरकार इस विवाद का समाधान चाहती है, तो उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। डिपके ने कहा कि अब यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर में युवाओं का एक बड़ा अभियान बन चुका है। उनके अनुसार, छात्रों की मांग स्पष्ट है और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।


सरकार से बातचीत के लिए रखी गई शर्तें

डिपके ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत निष्पक्ष स्थान पर होगी, लेकिन संगठन अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा, "यदि सरकार या भाजपा इस मुद्दे का समाधान चाहती है, तो इसका एक ही रास्ता है और वह है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प स्वीकार नहीं होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते।


सोनम की भूख हड़ताल पर प्रतिक्रिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिपके ने आंदोलन से जुड़े सोनम की भूख हड़ताल समाप्त होने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोनम ने 26 दिनों से अधिक समय तक उपवास रखा और छात्रों के हित को देखते हुए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया। डिपके के अनुसार, सोनम नहीं चाहते थे कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सोनम के इस कदम ने देशभर में युवाओं को जागरूक किया और आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


आंदोलन अब एक देशव्यापी अभियान

डिपके ने कहा कि यह विरोध अब केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज बन चुका है। उन्होंने कहा कि छात्रों की एकमात्र मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की है और जब तक इस पर फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।


CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने भी संगठन की ओर से यही रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं सौंप देते। रांका ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद मीडिया को पूरी जानकारी दी जाएगी।