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CJP नेताओं की रिहाई, एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त

CJP के नेताओं अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को दिल्ली में हिरासत से रिहा कर दिया गया है। उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया। यह रिहाई उस समय हुई जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसे पुलिस ने अनुमति नहीं दी। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और आगे की संभावनाएं।
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CJP नेताओं की रिहाई का घटनाक्रम

CJP नेता अभिजीत दिपके: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को विमान से हिरासत में लिए गए CJP के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया है। रविवार को इन तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया। रिहाई के बाद, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा, 'हम दोपहर 2 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।'


वास्तव में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इस दौरान, अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास सहित हजारों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने प्रदर्शन की कोशिश के चलते 20 से अधिक FIR भी दर्ज की हैं। रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है, क्योंकि CJP के अंजिक्य शिंदे ने शनिवार को कहा था कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।