G7 शिखर सम्मेलन में मोदी की महत्वपूर्ण मुलाकातें: यूएई और कनाडा के नेताओं से चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने यूएई और कनाडा के नेताओं से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। इन मुलाकातों में दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की गई। मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया और कनाडा के पीएम के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत की। इस लेख में जानें इन मुलाकातों के प्रमुख बिंदु और भविष्य की योजनाएं।
| Jun 17, 2026, 15:33 IST
मोदी की G7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवीएन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान, उनकी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अल नहयान से भी मुलाकात हुई। यह दोनों नेताओं के बीच 2026 में तीसरी बार हुई मुलाकात है, जो भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है। दोनों पक्षों ने पश्चिमी एशिया में स्थायी शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने एक-दूसरे के साथ संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। इस अवसर पर, पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को इस साल के अंत में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है।
कनाडा के पीएम से मुलाकात
इसके अलावा, पीएम मोदी की मुलाकात कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो से भी हुई, जहां दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव पर खुशी व्यक्त की। मोदी ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि उनकी पहली मुलाकात बीजी से में हुई थी और अब एक साल बाद वे फिर से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चार बार मुलाकात हो चुकी है और फोन पर भी संपर्क बना हुआ है। उन्होंने भारत के डायस्पोरा के प्रति कनाडा के पीएम की चिंता के लिए आभार व्यक्त किया और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर चर्चा की। मोदी ने कहा कि वह इस वर्ष कनाडा आने की योजना बना रहे हैं और इस एग्रीमेंट को पूरा करने का प्रयास करेंगे।
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग की समीक्षा
भारत और कनाडा के नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की, जिसमें एलएनजी, एलपीजी और मेटालर्जिकल कोयले से संबंधित व्यापारिक व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया। दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। पिछले कुछ वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में दूरी आई थी, लेकिन कनाडा में सत्ता परिवर्तन के बाद, ये संबंध फिर से मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं।
