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INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया

31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस पर, INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में चुनाव में हेरफेर, मतदाता सूची में अनधिकृत बदलाव और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। बीजेपी ने इस प्रस्ताव को लोकतंत्र का मजाक बताया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
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राष्ट्रीय एकता दिवस पर महाभियोग प्रस्ताव


नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर, INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सार्वजनिक महाभियोग प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में गठबंधन के सांसदों और हजारों समर्थकों की उपस्थिति में पारित किया गया।


आरोपों की सूची

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यों ने संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत दिए गए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को खतरे में डाल दिया है। गठबंधन का दावा है कि यह देश की 60 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है।


INDIA गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार पर छह गंभीर आरोप लगाए हैं। पहले आरोप में चुनाव में कथित हेरफेर का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि बीजेपी के साथ मिलकर मतदाता सूची में अनधिकृत बदलाव किए गए।


दूसरे आरोप में, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम को पक्षपातपूर्ण तरीके से हटाने का आरोप लगाया गया है, जिसे मतदान के अधिकार का उल्लंघन माना गया है।


तीसरे आरोप में, संसद की जानकारी के बिना निर्वाचक नामावली पंजीकरण नियम, 1960 के फॉर्म-6 में बदलाव करने का आरोप है, जिससे पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।


सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग का आरोप

चौथे आरोप में, विपक्ष ने ERONET और ECINET सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। गठबंधन का कहना है कि इन सॉफ्टवेयरों के माध्यम से मतदाता सूची पर नियंत्रण केंद्रीकृत किया गया और स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को वैध मतदाताओं के नाम जोड़ने से रोका गया।


पांचवे आरोप में, अन्य दो चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने और आयोग के भीतर 14 आपत्तियों का जिक्र किया गया है। छठे आरोप में, विपक्ष को सुनवाई का अवसर न देने और मुख्य चुनाव आयुक्त के परिवार को कथित लाभ पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।


कानून पर उठाए सवाल

INDIA गठबंधन ने दिसंबर 2023 में पारित मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इस कानून के माध्यम से चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा देकर उनकी जवाबदेही को कमजोर किया गया है।


प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, ये सभी आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।


बीजेपी का पलटवार

बीजेपी ने INDIA गठबंधन के मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम को लोकतंत्र का मजाक करार दिया है। पार्टी ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने और हंगामा करने का आरोप लगाया है।


बीजेपी ने यह भी कहा कि वोट चोरी की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू के समय में हुई थी और खरगे के 13 करोड़ वोट चोरी के आरोपों को भ्रामक बताया।


सुरक्षा व्यवस्था

रामलीला मैदान में आयोजित रैली के मद्देनजर, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया था। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और दिल्ली पुलिस की कई कंपनियां तैनात की गई थीं।