NEET परीक्षा में सुधार: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने पेश की नई योजनाएं
सुप्रीम कोर्ट में NEET सुधार पर सुनवाई
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को सूचित किया कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की प्रक्रिया का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार का जवाब पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण पेश किया जाएगा। हालांकि, समय की कमी के कारण विस्तृत तर्क नहीं दिए जा सके।
इसके बाद, अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित की। याचिकाकर्ता ने सरकार के जवाब की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हलफनामा दाखिल होने के साथ ही उसकी प्रति भी उपलब्ध कराई जाएगी।
NTA की व्यवस्था पर सबकी नजरें
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर हाल के समय में कई सवाल उठे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में किए जाने वाले बड़े बदलावों की विस्तृत जानकारी अदालत के सामने रखेगी।
नई सुरक्षा व्यवस्था में संभावित बदलाव
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू करने की योजना बना रही है।
एन्क्रिप्टेड डिजिटल ट्रांसमिशन: भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों को अंतिम समय तक सुरक्षित डिजिटल फॉर्मेट में एन्क्रिप्टेड कोड के जरिए परीक्षा केंद्रों तक भेजने की योजना बनाई जा रही है।
GPS और बायोमेट्रिक ट्रैकिंग: प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्र तक हर चरण की निगरानी GPS ट्रैकिंग, डिजिटल लॉक और बायोमेट्रिक सुरक्षा के माध्यम से की जा सकती है।
सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता: परीक्षा केंद्रों के लिए निजी संस्थानों की जगह ए-ग्रेड सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और डिजिटल नोडल सेंटरों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा रहा है।
सिंगल शिफ्ट परीक्षा मॉडल: NEET PG की तर्ज पर अन्य बड़ी परीक्षाओं में भी एक ही पाली में परीक्षा कराने और उम्मीदवारों को नजदीकी परीक्षा केंद्र देने की व्यवस्था लागू की जा सकती है, ताकि मल्टी-शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन से जुड़े विवादों से बचा जा सके।
