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NEET पेपर लीक पर बांसुरी स्वराज का Gen-Z अंदाज, पीएम मोदी की तारीफ में बोले ये शब्द

लोकसभा के मानसून सत्र में बांसुरी स्वराज ने NEET पेपर लीक पर चर्चा करते हुए Gen-Z अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रस्तावित बिल के महत्व पर जोर दिया। स्वराज ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता का प्रभाव लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। इस बीच, पीएम मोदी ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स की घोषणा की। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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नई दिल्ली में लोकसभा सत्र की चर्चा


नई दिल्ली: लोकसभा के मानसून सत्र में NEET परीक्षा के पेपर लीक और सुधारों पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज का Gen-Z स्टाइल चर्चा का केंद्र बन गया। एंटी-पेपर लीक बिल पर अपने विचार रखते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और अंग्रेजी के लोकप्रिय Gen-Z स्लैंग 'Clocked It' का उपयोग किया।


सांसद बांसुरी स्वराज का बयान

सदन में अपने भाषण में बांसुरी स्वराज ने कहा कि यदि हम Gen-Z की भाषा में बात करें, तो प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को सही तरीके से समझा और समाधान प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता का प्रभाव केवल एक छात्र पर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ता है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचे और समय पर कार्रवाई की आवश्यकता है।


प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा

इस बीच, केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों के सुझाव देगी।



परीक्षा धोखाधड़ी पर सरकार की कार्रवाई

सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में तेज जांच, शीघ्र सुनवाई और कठोर सजा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, दोषियों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने पर भी जोर दिया गया है। हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों के चलते देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन घटनाओं के मद्देनजर, सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए कानूनी और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम उठाए हैं।