NEET पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी ने छात्रों को दी श्रद्धांजलि
राजनीतिक टकराव तेज, NEET पेपर लीक पर चर्चा
नीट-यूजी पेपर लीक के विवाद ने संसद में और बाहर राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ अपने निवास पर एक बैठक की। बैठक के बाद, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद गांधी स्मृति की ओर बढ़े, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष उन छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाना चाहता था, जिन्होंने इस विवाद के कारण आत्महत्या की। इस मुद्दे पर मानसून सत्र में भी गतिरोध बना हुआ है।
गांधी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित
रोकने के आरोपों के बावजूद, बाद में INDIA गठबंधन के सांसदों को लेकर बसें गांधी स्मृति पहुंचीं। वहां, विपक्षी नेताओं ने उन छात्रों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी मौत को NEET विवाद से जोड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा उन छात्रों की याद में है, जो अब हमारे बीच नहीं हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को फिर से उठाया।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत में मतभेद
इस बीच, केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी समूहों के बीच बातचीत को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने कहा कि वह संवाद के लिए तैयार है और प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस सुझाव को अस्वीकार कर रहे हैं, उनका कहना है कि वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। इस मतभेद के कारण समाधान की दिशा में कोई प्रगति नहीं हो रही है।
फास्ट-ट्रैक अदालतों की घोषणा, राजनीतिक टकराव जारी
पेपर लीक के बढ़ते विवाद के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था की घोषणा की। सरकार का कहना है कि वह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में सरकार को घेरने के साथ-साथ सार्वजनिक स्तर पर भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहा है। NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल जांच और न्यायिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद, सड़कों और देश की राजनीति का केंद्र बन चुका है।
