PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी का विवादास्पद बयान
प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर विवाद: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। इस भाषण में उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और विपक्ष पर बिना नाम लिए हमला किया। उनके 75 मिनट के भाषण में 'दिमागी नक्सल' शब्द का उल्लेख किया गया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास 'एंटायर पॉलिटिकल साइंस' में 'मास्टर एब्यूज़र' की डिग्री है। उन्होंने शनिवार को एक्स पर लिखा, "पहले उन्होंने अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहा। अब वे उन्हें 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं। यह उनकी हताशा का स्पष्ट संकेत है।"
First He called his opponents ‘urban naxals.’
Now He calls them ‘dimaagi naxals.’
It is a sure sign of His desperation. It is a separate matter that He ends up doing whatever these so-called ‘urban naxals’ or now ‘dimaagi naxals’ are demanding or advocating.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 15, 2026
जयराम रमेश ने आगे कहा, "ऐसे ही नहीं कहा जाता कि पीएम के पास 'एंटायर पॉलिटिकल साइंस' में 'मास्टर एब्यूज़र' की डिग्री है।" उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 'हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना और आइसोलेट करना आवश्यक है ताकि देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र की दिशा में जोड़ा जा सके।'
