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TMC के बागी गुट ने चुनाव आयुक्त से की मुलाकात, दावा किया- हम असली टीएमसी हैं

तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की और दावा किया कि वे असली टीएमसी हैं। इस मुलाकात में उन्होंने पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग की। पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बाद, कई विधायक और सांसद ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए हैं। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम का क्या महत्व है और ममता के पास कितने विधायक और सांसद बचे हैं।
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बागी गुट की चुनाव आयुक्त से मुलाकात


पार्टी में संगठनात्मक बदलावों की मांग की गई।


TMC EC Meeting, नई दिल्ली/कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे असली टीएमसी हैं और चुनाव आयोग ने उनकी बात सुनी है। उन्हें उम्मीद है कि आयोग जल्द ही निर्णय लेगा। इससे पहले विधायकों ने पार्टी में हुए संगठनात्मक परिवर्तनों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग की थी।


पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बागी गुट का गठन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद, 3 जून को टीएमसी के 80 में से 58 विधायक ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग हो गए थे। इसके अतिरिक्त, 15 जून को टीएमसी के 20 सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में विलय कर लिया।


नई कार्यकारिणी का गठन

22 जून को कोलकाता में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि बैठक हुई, जिसमें नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया।


ममता के साथ बचे विधायक और सांसद

टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिनमें से 20 अलग हो गए हैं। अब ममता के पास केवल 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा में 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे केवल 9 सांसद बचे हैं। विधानसभा में, टीएमसी ने इस बार 80 सीटें जीती थीं, जिनमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास अब केवल 22 विधायक रह गए हैं।