अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान: लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा 51 हजार रुपये का मानदेय
अखिलेश यादव का ऐलान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यदि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आती है, तो लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹51,000 प्रति माह किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्हें सरकारी अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा और दवाओं की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष प्रावधान
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के सुझावों को भी ध्यान में रखा जाएगा और उनकी कुछ मांगों को पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान और अन्य सुविधाएं देने की बात कही।
भाजपा पर निशाना
‘सामाजिक न्याय भाजपाई आपातकाल से गुजर रहा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय ‘भाजपाई आपातकाल’ का सामना कर रहा है। उन्होंने 1975-77 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस समय PDA पर अत्याचार होगा, वह उनके लिए आपातकाल का समय होगा।
2027 चुनाव की तैयारी
BJP पर हमला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे कितनी भी रणनीति बना ले, उसका चुनाव पर कोई असर नहीं होगा। अखिलेश ने कहा कि अगर भाजपा ‘माइक्रोस्कोप’ से भी प्रबंधन करेगी, तब भी वह चुनाव हार जाएगी। यह उनका आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर किया गया राजनीतिक दावा है। हाल के दिनों में सपा ने 2027 चुनाव की तैयारियों को तेज किया है और PDA रथ यात्रा के माध्यम से अपना अभियान भी आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर प्रतिक्रिया
PM बनने के सवाल पर क्या बोले अखिलेश?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से प्रधानमंत्री पद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “अभी यूपी में ही रहने दो, आपस में झगड़ा मत कराओ।” समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी गठबंधन पर चर्चा कर रहे हैं।
लोकतंत्र सेनानी कौन होते हैं?
कौन होते हैं लोकतंत्र सेनानी?
लोकतंत्र सेनानी उन व्यक्तियों के लिए एक शब्द है जिन्होंने 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए संघर्ष किया। उत्तर प्रदेश में ऐसे लोगों को राज्य सरकार द्वारा सम्मान राशि प्रदान की जाती है।
