अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील की
जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में अखिलेश यादव का बयान
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए छात्रों और उनके अभिभावकों की मुहिम में हम सभी आपके साथ हैं।
उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि भाजपा सरकार, जो प्रतिशोध की भावना से जल रही है, जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार न बनने दे। उन्होंने कहा कि इस दुर्भावनापूर्ण निर्णय के खिलाफ, हमारे छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेताओं तक, सभी का समर्थन है, साथ ही उन हजारों छात्रों और उनके मेहनती माता-पिता का भी जो इस स्थिति से प्रभावित हैं।
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 19, 2026
अखिलेश यादव ने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, और उन्होंने देशभर से अपील की कि वे इस 'शिक्षा के मंदिर' को बचाने के लिए एकजुट हों। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के खिलाफ हो गई है। भाजपा का अहंकार ही इस तरह के गलत कार्यों को जन्म दे रहा है। यदि कहीं कोई कागज़ी कमी है, तो उसे पूरा करके यूनिवर्सिटी और छात्रों के भविष्य को बचाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनके पास महंगे विश्वविद्यालयों में पढ़ने की क्षमता नहीं है। यदि भाजपा के पास बच्चों और उनके परिवारों के प्रति थोड़ी भी सहानुभूति होती, तो वे इस विध्वंसक कार्रवाई का कोई विकल्प खोजते।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा शिक्षा के खिलाफ है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं। भाजपा और उनके सहयोगी गांव-गांव में प्राथमिक विद्यालयों और विश्वविद्यालयों को बंद करने की योजनाएं बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा यह हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के खिलाफ भाजपा की एक घिनौनी साजिश है। जबकि अन्य अपंजीकृत स्कूलों को चलने दिया जा रहा है, भाजपा की प्रतिशोध की भावना से एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जो अत्यंत निंदनीय है!
