अखिलेश यादव ने मेरठ पुलिस पर लगाया किसान नेताओं के साथ मारपीट का आरोप
अखिलेश यादव का बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने किसान नेताओं के साथ 'थर्ड डिग्री' के तहत मारपीट की। उन्होंने मेरठ की घटना की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दिग्विजय भाटी का आरोप
यह बयान अमरोहा के सपा कार्यकर्ता दिग्विजय भाटी के आरोपों के बाद आया है। भाटी ने कहा कि मेरठ में एक दलित युवती की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाटी की एक तस्वीर साझा की, जिसमें उनकी आंखें सूजी हुई हैं।
अखिलेश का ट्वीट
किसान का अपमान, देश का अपमान है!
भाजपा ने किसान के मुँह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है।
उप्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में थर्ड डिग्री की मार-पीट करके प्रताड़ना देना दर्शाता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई… pic.twitter.com/J7GVQprUDE
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 21, 2026
पुलिस की प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने कहा कि किसान का अपमान, देश का अपमान है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने एक किसान के साथ बर्बरता की है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में मारपीट करना दर्शाता है कि वे हार के डर से कितने बौखला गए हैं।
जांच की प्रक्रिया
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि 19 अगस्त को मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि उन्हें स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के सदस्यों द्वारा किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर कई घंटों तक प्रताड़ित किया गया।
अविनाश पांडेय का स्थानांतरण
गुरुवार को अविनाश पांडेय का लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया। इस बीच, मेरठ पुलिस ने कहा कि 19 अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आए लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों का संज्ञान लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह को सौंप दी है।
किसानों के मुद्दे
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों के हितों से समझौता करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा विदेशी संस्थाओं के साथ समझौते कर रही है, जिससे खेती-किसानी, भंडारण और कृषि उपज का व्यापार कुछ लोगों के हाथों में जा रहा है।
किसान आंदोलन का जिक्र
उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को नजरअंदाज करने और किसानों की आत्महत्याओं पर संवेदना न व्यक्त करने का भी आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने सरकार के सहयोगियों को किसानों को कुचलने के मामले में क्लीन चिट देने का भी जिक्र किया।
