अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट के विस्तार पर उठाए सवाल
योगी कैबिनेट का विस्तार और मंत्री विभागों की देरी
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार 10 मई को हुआ, जिसमें छह नए मंत्रियों को शामिल किया गया और दो को पदोन्नति दी गई। हालांकि, छह दिन बीत जाने के बाद भी नए मंत्रियों को विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं। इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब मंत्रियों के विभागों की सूची भी ऊपर से आएगी?
अखिलेश यादव ने कहा कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी का असली कारण यह है कि विभागों की 'कमीशन' के बंटवारे में दोहरी टकराव हो रही है। नए मंत्रियों को अब तक केवल दर्शक की तरह बैठकर स्थिति का अवलोकन करना पड़ रहा है। भाजपा का डबल इंजन बाकी मंत्रियों को 'डब्बा' बना देता है।
उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?
मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ़ ये है कि मंत्रालय-विभाग की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नये मंत्री बने हैं वो बेचारे तो बस…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 15, 2026
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने निश्चय किया है कि नए मंत्रियों को जो भी विभाग मिलेगा, उस पर पूरी निगरानी रखी जाएगी ताकि वे अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इसका दुरुपयोग न कर सकें। इसके लिए कागज़ी प्रमाण और अन्य सबूत इकट्ठा किए जाएंगे ताकि भाजपा की असलियत उजागर की जा सके। जनता अब अपने टैक्स के पैसे की लूट को रोकने के लिए सजग है, क्योंकि अन्य विभागों में भ्रष्टाचार को रोकने के प्रयास विफल हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार जानती है कि यह उनका अंतिम कार्यकाल है, इसलिए वे अधिक से अधिक धन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। जागरूक जनता इन योजनाओं को सफल नहीं होने देगी।
