Newzfatafatlogo

अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर साधा निशाना, भाजपा की छवि को किया उजागर

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनता अब भाजपा नेताओं के भाषण सुनने में रुचि नहीं रखती। यादव ने भाजपा के झूठे नायकत्व का पर्दाफाश करते हुए कहा कि इस घटना ने भाजपा की दिखावटी छवि को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब हर महिला भाजपा का बहिष्कार करेगी। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और यादव के तीखे बयान।
 | 

अखिलेश यादव का तीखा हमला


लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जनता अब भाजपा नेताओं के भाषण सुनने में रुचि नहीं रखती। उनका अहंकार विवेक को समाप्त कर देता है। जो लोग दूर से यह मानते थे कि कोई नेता ईमानदार है और जनसेवा में लगा हुआ है, अब उस नेता का 'म्यूट किया गया वीडियो' देखकर उनका भ्रम टूट चुका है। जब कोई व्यक्ति सैकड़ों कैमरों के सामने भी एक दुखी परिवार को सांत्वना देने के बजाय धमकी भरे लहजे में बात करता है, तो यह दर्शाता है कि वह कितना संवेदनहीन है। यह व्यवहार अमानवीय है।


अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि अब भाजपा के झूठे नायकत्व का पर्दाफाश हो चुका है। सबसे ज्यादा ठेस उन प्रशंसकों को लगी है जो इनकी 'मिथ्या दिव्यता' की प्रशंसा करते थे। अब वे अपने परिवार की महिलाओं का सामना करने में भी संकोच कर रहे हैं। जब वे सोचते हैं कि अगर ऐसी दुखद घटना उनके परिवार में होती, तो क्या होता, तो वे कांप उठते हैं।




यह पहली बार नहीं है जब उनकी कटु वाणी का उदाहरण सामने आया है। पत्रकारों और अधिकारियों को पहले भी उनके व्यवहार का शिकार होना पड़ा है। जनता अब समझ चुकी है कि जो व्यक्ति सार्वजनिक रूप से ऐसा व्यवहार करता है, वह अकेले में क्या करेगा। क्या अब ये नेता कहेंगे कि उनका वीडियो AI द्वारा बनाया गया है? सच्चाई यह है कि अगर जनता चाहे, तो AI से पढ़कर बता सकती है कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था।


अखिलेश यादव ने कहा कि जो व्यक्ति अपने शब्दों और व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख सकता, वह प्रदेश पर कैसे नियंत्रण करेगा? इस घटना के कारण अब प्रदेश, देश और दुनिया की हर महिला, चाहे वह मां हो या बहन, भाजपा का बहिष्कार करेगी। इस घटना ने भाजपा की दिखावटी छवि को ध्वस्त कर दिया है। अब भाजपा चाहे उन्हें पद से हटा दे, लेकिन 'आधी आबादी' का वोट नहीं पाएगी, क्योंकि 'जब बात मां की आती है, तो हर सरहद मिट जाती है।'


जनता ने भाजपा के 'नारी वंदन' का असली चेहरा देख लिया है। जब भाजपा और उनके सहयोगियों की सोच में महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है, तो उनके सम्मान के लिए क्या किया जाएगा? आज का संदेश है, 'मां का दर्द' कहे, हमें भाजपा नहीं चाहिए!