अभिजीत दिपके ने अपनी शिक्षा और वित्तीय स्थिति पर दी सफाई
अभिजीत दिपके का नया विवाद
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके हाल ही में एक नई चर्चा का विषय बने हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग को लेकर शिकायत के बाद, उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी शिक्षा और वित्तीय स्रोतों पर प्रतिक्रिया दी। दिपके ने बताया कि अमेरिका में उनकी पढ़ाई का खर्च बोस्टन विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के माध्यम से पूरा हुआ। इसके साथ ही, उन्होंने संगठन की फंडिंग और हालिया विवादों पर भी अपने विचार साझा किए।
शिक्षा के खर्च का खुलासा
अभिजीत दिपके ने एक बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी शिक्षा किसी पारिवारिक संपत्ति से नहीं, बल्कि छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के माध्यम से पूरी हुई। उन्होंने बताया कि बोस्टन विश्वविद्यालय ने उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की थी और एजुकेशन लोन की राशि अभी चुकानी है।
RTI शिकायत के बाद विवाद बढ़ा
हाल ही में एक RTI कार्यकर्ता ने दिपके के परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग की थी। इस शिकायत में उनके पिता की आय और विदेश में पढ़ाई के खर्च को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया। दिपके ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी वित्तीय स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया।
संगठन की फंडिंग पर विचार
दिपके ने कहा कि भविष्य में उनका संगठन क्राउडफंडिंग के माध्यम से आर्थिक सहयोग जुटाने की योजना बना रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फंडिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। उनके अनुसार, संगठन जनता के सहयोग से आगे बढ़ना चाहता है और हर आर्थिक योगदान का स्पष्ट रिकॉर्ड रखा जाएगा।
आंदोलन के दौरान मिली सहायता
दिपके ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े आंदोलन के दौरान आम लोगों ने खाना और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने व्यक्तिगत स्तर पर सहानुभूति जताते हुए सहायता की पेशकश की। हालांकि, इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जांच और राजनीतिक आरोपों पर प्रतिक्रिया
दिपके ने अपने खिलाफ दर्ज शिकायतों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। संगठन की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने भी आरटीआई शिकायत पर सवाल उठाए और इसे चुनिंदा कार्रवाई करार दिया। फिलहाल, वित्तीय मामलों और कानूनी स्थिति को लेकर उठे सभी सवालों पर संबंधित एजेंसियों की प्रक्रिया जारी है। किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
