अमित शाह का कांग्रेस पर हमला: वंदे मातरम के प्रस्ताव को बताया राष्ट्र-विरोधी
कांग्रेस पर तीखा हमला
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी ने 'वंदे मातरम' का संपूर्ण संस्करण न गाने का प्रस्ताव पारित कर राष्ट्र-विरोधी रुख अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टिकरण कर रही है। यह बयान उन्होंने तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में आयोजित 31वें दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दिया।
1937 के प्रस्ताव का संदर्भ
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में 'वंदे मातरम' की केवल पहली दो पंक्तियों को गाने का प्रस्ताव पारित कर विभाजन की नींव रखी थी। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने इस गलती को सुधारने का प्रयास किया और आधिकारिक कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रगीत गाना अनिवार्य किया। शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे बैंकिम चंद्र चटर्जी और स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का अपमान कर रहे हैं।
#WATCH | Chengalpattu, Tamil Nadu | On Congress's CWC resolution on Vande Mataram, Union Home Minister Amit Shah says, "Yesterday, Congress Working Committee took an anti-national decision. Following their 1937 resolution, Congress decided to sing only two stanzas of Vande… pic.twitter.com/9BmI4PJKml
— News Media (@NewsMedia) August 20, 2026
तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
अमित शाह ने आगे कहा, “कांग्रेस आज अपने 1937 के प्रस्ताव को लागू कर रही है, जबकि संसद द्वारा बनाए गए कानून को खारिज कर रही है। मुझे आश्चर्य है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से तुष्टिकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि देश ने एक बार 'वंदे मातरम' को दो भागों में बांटने की गलती की थी और इसके गंभीर परिणाम भुगते। अब समय आ गया है कि देश कांग्रेस के इस निर्णय के खिलाफ एकजुट होकर कहे कि उनकी तुष्टिकरण की राजनीति अब और नहीं चलेगी। अमित शाह ने कांग्रेस के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की।
