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अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप प्रशासन पर गंभीर आरोप

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पूर्व कांग्रेस महिला मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वाइट हाउस के अधिकारी ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के उपयोग पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पेश किए। ग्रीन का कहना है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ इजराइल की चेतावनियों को अधिक महत्व दे रहा है, जबकि ईरान इस समय परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है। उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
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ट्रंप प्रशासन पर गंभीर आरोप

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पूर्व कांग्रेस महिला मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि वाइट हाउस के उच्च अधिकारी ईरान के खिलाफ संभावित परमाणु हथियारों के उपयोग पर रणनीतिक चर्चाएँ कर रहे हैं। ग्रीन ने सोशल मीडिया पर इस बात का दावा किया कि ऐसी उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, लेकिन उन्होंने अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत या दस्तावेज पेश नहीं किए। उन्होंने उन अधिकारियों के नाम भी नहीं बताए जो इन चर्चाओं में शामिल थे। ग्रीन का कहना है कि ट्रंप प्रशासन परमाणु कार्रवाई की सीमाओं को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अमेरिकी प्रशासन अपने खुफिया आकलनों को नजरअंदाज कर रहा है।


ईरान की परमाणु स्थिति पर चिंता

ग्रीन के अनुसार, अमेरिकी इंटेलिजेंस के आकलनों से पता चलता है कि ईरान इस समय परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है। फिर भी, उनके आरोप के अनुसार, वाशिंगटन ईरान के खिलाफ इजराइल से मिल रही चेतावनियों को अधिक महत्व दे रहा है। हालांकि, यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है और अमेरिकी सरकार ने ऐसी किसी परमाणु हमले की तैयारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रीन ने ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार की परमाणु कार्रवाई को लेकर गंभीर चेतावनी दी है, यह कहते हुए कि ऐसा कदम अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव को एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है, जिससे व्यापक जान-माल का नुकसान और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


ट्रंप के वादों का संदर्भ

ग्रीन ने इस संदर्भ में ट्रंप के उस राजनीतिक वादे का उल्लेख किया है जिसमें उन्होंने अमेरिका को विदेशी युद्धों से दूर रखने की बात कही थी। ग्रीन के आरोपों पर वाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमेरिकी सरकार या रक्षा अधिकारियों ने भी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है जिससे यह साबित हो सके कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी परमाणु नीति में कोई बदलाव किया है। इस समय, ईरान पर अमेरिकी परमाणु हमले की तैयारी का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है, और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों में उतार-चढ़ाव जारी है।


क्षेत्रीय तनाव और ग्रीन की स्थिति

विशेष रूप से होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर क्षेत्रीय तनाव चर्चा का विषय बना हुआ है। मार्जोरी टेलर ग्रीन ने पहले भी ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के कुछ निर्णयों का विरोध किया है, जबकि वे खुद को ट्रंप का समर्थक बताती रही हैं। जून 2025 में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद भी ग्रीन ने प्रशासन की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रशासन चुनावी वादों से पीछे हट रहा है, जो विदेशों में सैन्य कार्रवाई और शासन परिवर्तन से संबंधित थे। ग्रीन के ताजा आरोप एक बार फिर उन्हें ट्रंप प्रशासन की आधिकारिक विदेश नीति से अलग खड़ा करते हैं।