अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में शांति वार्ता की शुरुआत
जिनेवा में अमेरिका-ईरान वार्ता
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का आयोजन
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति के लिए वार्ता का आयोजन किया जा रहा है। यह वार्ता एक 60 दिन के समझौते के तहत हो रही है, जिसमें कुल 14 बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच कई दौर की वार्ता की योजना बनाई गई है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी इस वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। ईरानी संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने इस वार्ता से पहले मिनाब स्कूल की घटना के पीड़ितों को याद किया और कहा कि उनकी कुर्बानियां इस्लामी गणराज्य ईरान के कदमों को मार्गदर्शन करेंगी।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की स्विट्जरलैंड यात्रा
अमेरिका इस वार्ता को लेकर गंभीर है। वाशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि अमेरिका के प्रमुख वार्ताकार स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। इनमें जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल हैं, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शुल्क पश्चिम एशिया में संरक्षक की भूमिका निभाने के लिए दी गई सेवाओं के बदले होगा।
समझौते की शर्तें
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्धविराम की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई शुल्क नहीं होगा, जब तक कि समझौता पूरा नहीं होता।
