अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: सैन्य कार्रवाई की आशंका
मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा
तेहरान/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़े युद्ध का खतरा उत्पन्न हो गया है। सितंबर की शुरुआत के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई स्थानों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसके जवाब में, ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका के हमलों का बदला लेने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो अमेरिकी सेना पहले से कहीं अधिक बड़ा हमला करेगी। दूसरी ओर, तेहरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि अमेरिका और ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
IRGC का जवाबी हमला
अमेरिका के हमलों के जवाब में, IRGC ने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। ईरान के अनुसार, जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया। दावा किया गया है कि लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर पर मिसाइलें दागी गईं, जिससे ड्रोन नष्ट हो गए और कई अमेरिकी कर्मियों के मारे जाने की बात कही गई है।
हमलों की स्थिति
ईरान ने यह भी कहा कि मफराक शहर में दागे गए कुछ रॉकेटों को इंटरसेप्ट कर दिया गया। हालांकि, मिसाइल हमले से हैंगर में आग लगने की बात सामने आई है, लेकिन अमेरिका या जॉर्डन की ओर से अभी तक हमले में हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
सैन्य कार्रवाई का सिलसिला
ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में कार्रवाई करने का दावा किया है। मंगलवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने केशम द्वीप, सिरिक, चाबहार बंदरगाह और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में हमले किए। जास्क और सिरिक में जोरदार धमाकों की खबर सामने आई, जबकि जिरोफ्ट में एक हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया।
नागरिकों पर प्रभाव
ईरानी दावों के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में एक शादी समारोह के दौरान एक मिसाइल गिरने से आग लग गई। इसमें बच्चों समेत चार लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल होने की बात कही गई है। अमेरिकी हमलों में IRGC के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री माइन बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
आगे की स्थिति
इससे पहले सोमवार को ईरान ने समुद्री खदानों के जरिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो टैंकरों को निशाना बनाया था। इसके जवाब में अमेरिका ने IRGC के दो मिसाइल लॉन्चरों पर हमला किया। अमेरिकी पक्ष का दावा था कि इन लॉन्चरों के जरिए ईरान समुद्र में माइन बिछाने की तैयारी कर रहा था।
संभावित प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। इस बीच ट्रंप ने दोहराया है कि यदि ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब दिया, तो अमेरिका की ओर से और भी बड़े सैन्य हमले किए जा सकते हैं।
युद्ध की आशंका
दूसरी ओर, IRGC ने भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान पर हमले के अपने फैसले के लिए अमेरिका और ट्रंप को पछताना पड़ेगा। दोनों देशों की ओर से लगातार जारी सैन्य कार्रवाई और तीखी बयानबाजी ने मिडिल ईस्ट में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ा दी है।
