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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति की घोषणा, समझौते की संभावना

अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की घोषणा की है, जिसके बाद समझौते की संभावना भी जताई गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज किया है। दोनों देशों के बीच कुछ विवादित मुद्दों पर अगले 60 दिनों में बातचीत की जाएगी। जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या है आगे की योजना।
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति की घोषणा, समझौते की संभावना

युद्ध समाप्ति की घोषणा


नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध खत्म हो गया है, जो लगभग ढाई महीने पहले शुरू हुआ था। सूत्रों के अनुसार, रविवार को जिनेवा में दोनों देशों के बीच स्थायी युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ट्रंप ने यह भी बताया कि समझौते पर यूरोप के किसी देश में चर्चा होगी, और यदि सब कुछ ठीक रहा, तो उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी वहां मौजूद रहेंगे।


इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस घोषणा से संतुष्ट नहीं हैं और ट्रंप की घोषणा से हैरान हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वर्चुअल रैली में अपने समर्थकों को बताया कि उन्होंने युद्ध समाप्त कर दिया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक वीडियो में भी ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की और कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।


हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि शांति समझौते पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने नई डील को मंजूरी दे दी है।


अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि उसने होर्मुज की खाड़ी में लागू नाकाबंदी के तहत 136 जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और हवाई संसाधन क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। यह घेराबंदी अप्रैल में शुरू की गई थी।


ईरान ने इसके विपरीत कहा है कि वह होर्मुज की खाड़ी पर पूरा नियंत्रण रखता है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी ने कहा कि इस समुद्री मार्ग से कोई भी जहाज ईरान की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता।


हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के बावजूद, तीन महत्वपूर्ण विवादित मुद्दे अभी भी सुलझने बाकी हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, इन मुद्दों पर अगले 60 दिनों में अलग से बातचीत होगी। इनमें शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम, पाबंदियों का हटाना, और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा शामिल है।