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अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की शुरुआत, ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई रोकी

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ औपचारिक शांति वार्ता की शुरुआत की है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय लिया है, जो खाड़ी देशों के सहयोगियों के अनुरोध पर आधारित है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हैं और वह किसी की जान नहीं लेना चाहते। इस वार्ता का उद्देश्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता को दूर करना है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।
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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास

पश्चिम एशिया में महीनों से चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार दोपहर से औपचारिक शांति वार्ता शुरू होने जा रही है। 'एयर फोर्स वन' पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि बातचीत के लिए सभी रास्ते खुले हैं और अमेरिका सैन्य विकल्पों के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, जो सोमवार दोपहर से शुरू होगी, और यह देखना होगा कि यह कैसे आगे बढ़ता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह किसी की जान नहीं लेना चाहते, क्योंकि इससे कई लोग प्रभावित होते हैं।


ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना को टाला

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने खाड़ी देशों के सहयोगियों के अनुरोध पर अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हमले करने से रोकने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा एक बड़ा हमला करने की योजना थी, लेकिन सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अन्य नेताओं की सलाह के बाद उन्होंने इसे टालने का फैसला किया।


अरब नेताओं की ट्रंप से बातचीत

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से पूछा, 'आप क्या करना चाहेंगे? क्या आप चाहेंगे कि हम ऐसा करें या नहीं?' यह बातचीत शनिवार को हुई थी। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि मध्य-पूर्व के सहयोगियों ने पांच महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई है।


ईरान के साथ बातचीत का महत्व

ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि ईरान के साथ बातचीत से उनका 'भरोसा उठ रहा है' और चेतावनी दी थी कि अमेरिकी सेना 'उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करेगी।' हालांकि, रविवार को उन्होंने कहा कि जो समझौता हो रहा है, उसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल होगा, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।


ईरान की आक्रामकता

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान, अमेरिका के साथ अपने टकराव के तहत, बिना अनुमति होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर बार-बार हमले कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य 'किसी भी हाल में 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं आएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान, ओमान के साथ इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर चर्चा कर रहा है, लेकिन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के बारे में कोई बातचीत नहीं हो रही है।