अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलेगा
अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान ने एक व्यापक शांति समझौते पर सहमति बना ली है। इस समझौते की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने का ऐलान किया। दोनों देश 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यदि ऐसा होता है, तो यह 47 वर्षों में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच उच्च स्तरीय बैठक होगी।
इस समझौते के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी गिरावट आई है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत लगभग 4 प्रतिशत गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में 4.6 प्रतिशत से अधिक की कमी आई, जिससे इसकी कीमत लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल रह गई। मुरबन क्रूड भी लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के संकेत पहले से ही मिल रहे थे, जिसके चलते हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। हालांकि, ट्रंप द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई। मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी रुकावट के खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की अनुमति देता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर के जहाज अपने इंजन चालू करें और तेल की आपूर्ति फिर से शुरू करें।”
यह ध्यान देने योग्य है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया था। ईरान के पलटवार और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के निर्णय ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर बड़ा प्रभाव डाला था।
कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 से 115 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी रहीं, जिससे कई देशों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई। अब होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने और तेल-गैस की आपूर्ति सामान्य होने से वैश्विक बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में भी कमी आ सकती है।
