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अमेरिका-चीन संबंधों की नई दिशा: ट्रंप और शी चिनफिंग की ऐतिहासिक मुलाकात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हाल ही में हुई मुलाकात ने दोनों देशों के संबंधों में एक नई दिशा का संकेत दिया है। व्हाइट हाउस में आयोजित इस भव्य स्वागत समारोह में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए संकल्प लिया। इस लेख में जानें कि कैसे यह मुलाकात ऐतिहासिक संदर्भों से भरी हुई थी और इसमें प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
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ट्रंप और शी चिनफिंग की भव्य मुलाकात

(सागर कुलकर्णी) वॉशिंगटन, 25 सितंबर - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच संबंध पहले से कहीं बेहतर हैं। बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में शी का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें उन्हें सैन्य सम्मान दिया गया और लड़ाकू विमानों ने फ्लाईपास्ट किया।


दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण चर्चा

इसके बाद, ओवल ऑफिस में दोनों नेताओं के बीच दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई। इसके बाद, व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में एक राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें ट्रंप और शी ने आपसी संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया। ट्रंप ने कहा, "अमेरिका और चीन के लोग हमेशा से वस्तुओं, ज्ञान, परंपराओं और विचारों का आदान-प्रदान करते रहे हैं।"


चीन-अमेरिका संबंधों का ऐतिहासिक संदर्भ

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका संबंध एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर हैं। उन्होंने कहा, "आज हमने गहन विचार-विमर्श किया और कई मुद्दों पर साझा समझ बनाई।" दोनों नेताओं ने अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। ट्रंप ने 158 वर्ष पहले चीनी राजनयिकों के बोस्टन पहुंचने का जिक्र किया।


रात्रिभोज में प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति

रात्रिभोज में ट्रंप ने शी को अमेरिका के राष्ट्रीय प्रतीक 'बाल्ड ईगल' की एक प्रतिमा भेंट की, जिसे 134 मेहमानों की मौजूदगी में तालियों के साथ स्वीकार किया गया। इस अवसर पर अमेजन के जेफ बेजोस, एनवीडिया के जेनसन हुआंग, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, और अन्य प्रमुख कारोबारी दिग्गज भी उपस्थित थे।


प्रदर्शनकारियों का विरोध

इससे पहले, ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शी चिनफिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। वहीं, व्हाइट हाउस के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने 'तिब्बत को आजाद करो', 'शी चिनफिंग, आपका स्वागत नहीं है', 'हांगकांग को आजाद करो' और 'ईस्ट तुर्किस्तान को आजाद करो' जैसे नारे लगाए।