अमेरिका में 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों का निर्वासन: ट्रंप प्रशासन का दावा
अवैध प्रवासियों का निर्वासन
वाशिंगटन: अमेरिका ने 30 लाख से ज्यादा अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि पिछले 15 महीनों में किसी भी अवैध प्रवासी को रिहा नहीं किया गया है। इसके अलावा, 14 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को करदाताओं के पैसे से चलने वाले सार्वजनिक सहायता लाभों से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, इन योजनाओं के नाम या राज्यवार आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
व्हाइट हाउस ने आव्रजन प्रवर्तन के अपने आंकड़ों का विस्तृत विवरण साझा किया है। ये आंकड़े राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित दो कार्यकारी आदेशों के साथ जारी किए गए हैं।
इन आदेशों के तहत कुछ श्रेणियों के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता पर प्रतिबंध लगाया गया है और संघीय एजेंसियों को बर्थ टूरिज्म रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार, निर्वासित किए गए लोगों में कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो हिंसक अपराधों में दोषी ठहराए गए थे। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने निर्वासित प्रवासियों के मूल देशों या निर्वासन की अवधि का कोई ब्योरा नहीं दिया।
प्रशासन ने यह भी दावा किया है कि पिछले 15 महीनों में अमेरिका में किसी भी अवैध प्रवासी को रिहा नहीं किया गया। व्हाइट हाउस ने इसे ट्रंप के सत्ता में वापसी के पहले सप्ताह में शुरू किए गए कदमों का परिणाम बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर संकट का हवाला देते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें अवैध आव्रजन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। व्हाइट हाउस का कहना है कि इससे पिछली सरकार की सीमा संबंधी नीतियों को पलटा गया।
फैक्ट शीट में वीजा जांच प्रक्रिया को और सख्त करने और 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग निलंबित करने का भी उल्लेख है, हालांकि प्रशासन ने इन देशों के नाम या निलंबन की अवधि की जानकारी नहीं दी।
इन कदमों का उद्देश्य अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे विदेशी नागरिकों को रोकना है जो अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुक जाते हैं।
व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि यह एक ऐसा अभियान है जो पहले कभी नहीं चला और इसमें धोखाधड़ी से अमेरिकी नागरिकता पाने के आरोपियों को निशाना बनाया गया।
इसमें कहा गया कि 88 लोगों के खिलाफ दावे किए गए हैं, जिन्हें अयोग्य होने के बावजूद अमेरिकी नागरिकता मिल गई। हालांकि, फैक्ट शीट में उन लोगों की पहचान या कथित उल्लंघनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
फैक्ट शीट में नागरिकता परीक्षा में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन का कहना है कि संशोधित परीक्षा के जरिए आवेदकों के अमेरिकी इतिहास, शासन व्यवस्था और मूल्यों के ज्ञान का बेहतर आकलन किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी कहा कि वह राज्यवार मतदाता सूचियों से हजारों अवैध प्रवासियों के नाम हटाने की दिशा में काम कर रहा है, हालांकि इसमें शामिल राज्यों या हटाए गए नामों की संख्या की कोई जानकारी साझा नहीं की गई।
