अमेरिका में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर की गिरफ्तारी, भारत लाने की प्रक्रिया शुरू
गैंगस्टर हैरी बॉक्सर की गिरफ्तारी
वाशिंगटन: हरियाणा के मोस्ट वांटेड अपराधियों में से एक, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी हैरी बॉक्सर को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। हरियाणा एसटीएफ के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों ने उसे कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि वह अमेरिका से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। भारतीय एजेंसियां अब उसे भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगी।
हैरी बॉक्सर का नाम कई बॉलीवुड धमकियों और फायरिंग की घटनाओं में सामने आया है। उस पर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का आरोप है। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर कई बॉलीवुड हस्तियों को धमकियां भी दी थीं। रणवीर सिंह और तुषार कपूर को धमकाने के मामलों में भी उसका नाम शामिल है।
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरिचंद जाट है, और वह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसूर का निवासी है। उसने जयपुर में बॉक्सिंग सीखी, जिसके कारण उसे 'बॉक्सर' के नाम से जाना जाने लगा। प्रारंभ में, उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम किया, लेकिन बाद में वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया।
उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, फायरिंग और रंगदारी मांगने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में हुई विभिन्न आपराधिक घटनाओं में भी उसका नाम आया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि विदेश में रहकर वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रंगदारी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग में भी हैरी बॉक्सर का नाम शामिल था। बॉलीवुड हस्तियों को धमकियां देने के मामलों में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ से मिली जानकारी के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने कार्रवाई की। अब भारतीय एजेंसियां, नोडल एजेंसी सीबीआई की सहायता से, उसे भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगी।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि भारत लाए जाने के बाद उससे पूछताछ में कई राज्यों में हुई फायरिंग, हत्या और रंगदारी की घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। उसके खुलासों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेश में फैले नेटवर्क और भारत में सक्रिय सहयोगियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त होने की संभावना है।
