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अमेरिका में फलस्तीनी नेता की निर्वासन की प्रक्रिया पर अदालत का फैसला

अमेरिका में एक आव्रजन अदालत ने फलस्तीनी नेता सलाह सरसूर के निर्वासन का निर्णय सुनाया है, यह कहते हुए कि वह अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा हैं। हालांकि, अदालत ने यह आरोप खारिज कर दिया कि उन्होंने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला। सरसूर का कहना है कि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजा जाना उनके जीवन का अंत होगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के पीछे की कहानी।
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अमेरिकी अदालत का निर्णय

एक अमेरिकी आव्रजन अदालत ने बुधवार को यह निर्णय लिया कि विस्कॉन्सिन की प्रमुख मस्जिद के फलस्तीनी नेता सलाह सरसूर को निर्वासित किया जा सकता है, क्योंकि उन्हें अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा माना गया है। हालांकि, अदालत ने यह आरोप खारिज कर दिया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला था। मार्च में, उन्हें मिलवॉकी में अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था।


सरसूर का बचाव

एक संघीय न्यायाधीश ने जून में सरसूर को रिहा करने का आदेश दिया था, यह कहते हुए कि उनका यह दावा ‘ठोस’ है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने उन्हें इजराइल के खिलाफ बोलने और फलस्तीनी अधिकारों के समर्थन के कारण निशाना बनाया। सरसूर पिछले 30 वर्षों से अमेरिका में निवास कर रहे हैं और ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ मिलवॉकी’ के अध्यक्ष हैं। सरकार का तर्क है कि इजराइल में आतंकवाद से जुड़े मामलों में उनकी दोषी ठहराई गई जानकारी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।


आव्रजन अदालत की सुनवाई

सरकार ने आरोप लगाया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय इजराइल में उनके खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी छिपाई। आव्रजन अदालत के न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया। सरसूर का जन्म इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हुआ था और उन्हें 1988 में इजराइली सैनिकों पर हमले के आरोप में जेल भेजा गया था।


सरसूर का भविष्य

सरसूर के वकीलों का कहना है कि उन्हें दोनों मामलों में प्रताड़ित किया गया और जबरन जुर्म कबूल कराया गया। अमेरिका में उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वे 1993 से यहां रह रहे हैं। उनके वकीलों ने बताया कि अमेरिकी सरकार को सरसूर के अमेरिका पहुंचने के समय से ही उनके इजराइल में दोषी ठहराए जाने की जानकारी थी। सरसूर ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि यदि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजा गया, तो यह उनके जीवन का अंत होगा। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून 2025 में एक ज्ञापन जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि सरसूर को भी उसी आधार पर निर्वासित किया जा सकता है जिस आधार पर ट्रंप प्रशासन ने फलस्तीनी अधिकारों के समर्थक अन्य व्यक्तियों को देश से निकाला।