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अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन: ट्रंप और ओबामा के बीच ईरान पर तकरार

अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के बीच ईरान पर तीखी बहस छिड़ गई है। ट्रंप ने ईरान पर हमले की धमकियाँ दी हैं, जबकि ओबामा ने उनकी नीतियों को महंगाई का कारण बताया है। ईरान का बढ़ता प्रभाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को प्रभावित किया है। जानें इस राजनीतिक संघर्ष का क्या असर हो सकता है।
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मिड टर्म इलेक्शन में ट्रंप का ईरान पर हमला

अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन अपने चरम पर है। इस दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप अपने चुनावी अभियान में ईरान पर हमले की धमकियाँ दे रहे हैं और इसे अपनी जीत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की नौसेना को समाप्त कर दिया गया है। इसी बीच, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप को होर्मुज के संदर्भ में कड़ी चुनौती दी है। डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव प्रचार में ओबामा ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ईरान को होर्मुज पर वीटो पावर दे दिया है। ओबामा ने ट्रंप के दावों पर सवाल उठाते हुए मिड टर्म चुनाव में रिपब्लिकन के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं।


ईरान का बढ़ता प्रभाव और महंगाई

ओबामा ने ईरान के साथ युद्ध छेड़ने और कनाडा पर भारी टैरिफ लगाने की नीतियों को गलत ठहराया, जो अमेरिका में बढ़ती महंगाई के लिए जिम्मेदार बताई। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की गलतियों के कारण ईरान होर्मुज पर अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले तेल के जहाजों की संख्या में कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ा है।


ट्रंप का पलटवार और ओबामा की सच्चाई

ओबामा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ट्रंप ने उन्हें नाकाबिल राष्ट्रपति बताया और कहा कि उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर दिए। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि ओबामा का यह दावा सही है कि ईरान के नियंत्रण के कारण होर्मुज से तेल और गैस के टैंकर नहीं गुजर पा रहे हैं। इससे अमेरिका में ऊर्जा की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। ट्रंप ने बार-बार अमेरिका के नियंत्रण का दावा किया है, लेकिन बढ़ती महंगाई और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या ने उनके दावों की विश्वसनीयता को चुनौती दी है।


ईरान की चेतावनी और इंटरनेट पर प्रभाव

ट्रंप के सैन्य कार्रवाई के संकेतों के बीच, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी की है। ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल ने फिर से हमला किया, तो वे समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को निशाना बना सकते हैं। यह केबल्स दुनिया के लगभग 99% इंटरनेट ट्रैफिक के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि होर्मोस जलडमरूमध्य से गुजरने वाली केबल्स का हिस्सा केवल 1% है, इसलिए पूरी दुनिया का इंटरनेट ठप नहीं होगा, लेकिन यदि केबल्स को नुकसान पहुँचता है, तो इंटरनेट की गति प्रभावित हो सकती है।