अमेरिकी अदालत ने गौतम अडानी और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज किया
अमेरिकी अदालत ने गौतम अडानी और उनके सहयोगियों के खिलाफ रिश्वतखोरी और सिक्योरिटीज़ धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया है। इस निर्णय से लगभग दो वर्षों से चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। जज ने इस बर्खास्तगी को मंजूरी दी, जिसका अर्थ है कि आरोप हमेशा के लिए समाप्त हो गए हैं। गौतम अडानी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस मामले में आरोपों की गंभीरता और अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया पर चर्चा की गई है।
| Aug 11, 2026, 12:48 IST
अमेरिकी अदालत का महत्वपूर्ण निर्णय
अमेरिकी न्यायालय ने रिश्वतखोरी और सिक्योरिटीज़ धोखाधड़ी के आरोपों में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और अडानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व CEO विनीत जैन के खिलाफ आपराधिक आरोपों को 'विद प्रिजुडिस' (हमेशा के लिए) खारिज कर दिया है। इस निर्णय के साथ लगभग दो वर्षों से चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई है। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र को खारिज करने के लिए न्याय विभाग की 'रूल 48(a)' याचिका को मंज़ूरी दी। इन आरोपों में सिक्योरिटीज़ धोखाधड़ी की साज़िश, वायर धोखाधड़ी और अन्य शामिल थे।
जज का निर्णय और प्रतिक्रिया
जज निकोलस गारौफिस ने इस मामले को समाप्त करने के निर्णय के लिए फेडरल प्रॉसिक्यूटर से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा, जिसके बाद इस बर्खास्तगी को मंज़ूरी दी गई। 'विद प्रिजुडिस' बर्खास्तगी का अर्थ है कि आपराधिक कार्यवाही हमेशा के लिए समाप्त हो गई है और इन आरोपों को फिर से दायर नहीं किया जा सकता। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि अदालत ने मूल आरोपों की वैधता पर कोई निर्णय लिया है।
गौतम अडानी की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए, गौतम अडानी ने एक्स पर एक पोस्ट में अदालत के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करता हूं। इस कठिन समय में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा विश्वास अडिग रहा। मैं उन सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हम पर और न्याय प्रणाली पर विश्वास बनाए रखा। हम अपने देश के लिए निर्माण करते रहेंगे और ऐसे मूल्य स्थापित करेंगे जो भविष्य में भी बने रहें।
मामले का संक्षिप्त विवरण
यह आपराधिक मामला नवंबर 2024 में दर्ज किया गया था, जब अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडानी, सागर अडानी, विनीत जैन और अन्य पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए लगभग 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत देने की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया था। अभियोजकों का कहना था कि इन कॉन्ट्रैक्ट्स से दो दशकों में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का मुनाफ़ा होने की उम्मीद थी। इसके अलावा, आरोपियों पर अमेरिकी बाजारों में लोन और बॉंड के जरिए 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि जुटाते समय निवेशकों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया गया। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया और कहा कि उसने सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन किया है। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के एक अलग सिविल मामले का भी गौतम अडानी के खिलाफ अंतिम निर्णय के जरिए निपटारा हो गया है। इस आदेश के तहत, अडानी को 30 दिनों के भीतर SEC को 6 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना देना होगा।
