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अमेरिकी राजनीति में महंगी फोटो-ऑप का विवाद: ट्रंप के साथ तस्वीर के लिए 88,600 डॉलर की मांग

अमेरिकी राजनीति में ट्रंप के साथ फोटो खिंचवाने के लिए 88,600 डॉलर की मांग ने एक नई बहस को जन्म दिया है। उद्योगपति हर्ष गोयनका द्वारा साझा किए गए निमंत्रण ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। यह मामला केवल महंगी तस्वीर का नहीं, बल्कि अमेरिकी राजनीतिक फंड रेजिंग और प्रभावशाली लोगों की पहुंच का प्रतीक है। जानें कैसे यह राशि राजनीतिक पहुंच और दान के नए मॉडल को दर्शाती है।
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महंगी तस्वीर का निमंत्रण

अमेरिका में राजनीतिक गलियारों में एक तस्वीर की कीमत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर एक निमंत्रण साझा किया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोटो खिंचवाने के लिए 88,600 डॉलर प्रति कपल का योगदान मांगा गया है। भारतीय मुद्रा में यह राशि 80 लाख रुपये से अधिक है। गोयनका ने 18 अगस्त को निमंत्रण की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “अगर किसी को ट्रंप के साथ फोटो खिंचवानी है, तो उसे 80 लाख रुपये से अधिक चुकाने होंगे” और साथ में हैरानी वाला इमोजी भी लगाया। इसके बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।


रिपब्लिकन नेशनल कमेटी का आयोजन

दरअसल, रिपब्लिकन नेशनल कमेटी द्वारा 27 अगस्त 2026 को ह्यूस्टन, टेक्सास में एक ‘Evening Reception’ का आयोजन किया जा रहा है। निमंत्रण में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विभिन्न स्तरों के योगदान की जानकारी दी गई है। सबसे ध्यान खींचने वाला विकल्प ‘Photo Opportunity’ है, जिसकी कीमत 88,600 डॉलर प्रति कपल है। इसके अलावा, ‘Roundtable’ के लिए 2.5 लाख डॉलर और ‘Host Committee’ के लिए 4.43 लाख डॉलर प्रति कपल का योगदान भी मांगा गया है। सामान्य ‘Reception’ विकल्प की कीमत 10,000 डॉलर प्रति कपल है।


राजनीतिक पहुंच की कीमत

इस तरह ट्रंप के साथ एक तस्वीर के लिए मांगी गई राशि अमेरिकी राजनीति में दान और राजनीतिक पहुंच के उस मॉडल को दर्शाती है, जहां किसी कार्यक्रम में पहुंच और व्यक्तिगत मुलाकात की कीमत लाखों डॉलर तक पहुंच सकती है। गोयनका की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस राशि पर हैरानी जताई है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर कोई व्यक्ति किसी राजनेता के साथ महज एक फोटो के लिए इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च करेगा। कुछ ने इसे अमेरिकी राजनीतिक फंड रेजिंग और प्रभावशाली लोगों की पहुंच के संदर्भ में देखा।


ट्रंप का राजनीतिक फंड रेजिंग मॉडल

अमेरिकी राजनीति में यह मामला केवल महंगी फोटो का नहीं है, बल्कि यह ‘पैसा दो, पहुंच पाओ’ वाली राजनीतिक संस्कृति का प्रतीक है, जिसे ट्रंप के कार्यकाल में और बढ़ावा मिला है। 2024 में ट्रंप के एक हाई-डॉलर फंड रेजर ने अकेले 5.05 करोड़ डॉलर जुटाए थे। आलोचकों का कहना है कि बड़े कारोबारी और अरबपति केवल चुनावी चंदा नहीं दे रहे, बल्कि राजनीतिक पहुंच और नीतिगत प्रभाव में निवेश कर रहे हैं। एक विश्लेषण के अनुसार, 2024 के चुनाव में शीर्ष 100 सबसे अमीर अमेरिकियों ने अकेले 1 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया।


ट्रंप की राजनीतिक शैली

ट्रंप के सार्वजनिक बयानों और उनकी राजनीतिक शैली को देखते हुए, राजनीति को कारोबारी सौदे की भाषा में पेश करना उनके लिए नया नहीं है। 2016 में राष्ट्रपति पद की दौड़ शुरू करते समय उन्होंने कहा था कि वह अपनी मुहिम को खुद फंड करेंगे, लेकिन सत्ता में लौटने के बाद उनकी तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 2024 के एक चर्चित फंड रेजर में ट्रंप ने तेल उद्योग के अधिकारियों से 1 अरब डॉलर जुटाने की अपील की थी। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप खुद बड़े दान की मांगों पर नजर रखते हैं और कभी-कभी 50 मिलियन डॉलर तक की राशि मांगने को कहते हैं।


राजनीति में पैसा और पहुंच

ट्रंप के फंड रेजिंग अभियानों में दान के बदले विशेष पहुंच का आकर्षण भी दिखता है। उदाहरण के लिए, 2026 में एक फंड रेजिंग ईमेल में दानदाताओं को ‘private national security briefings’ तक पहुंच का वादा किया गया। ऐसे उदाहरणों में ट्रंप की राजनीति की कारोबारी शब्दावली स्पष्ट दिखाई देती है, जिसमें दान केवल राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि ‘डील’, पहुंच और संभावित लाभ के निवेश के रूप में प्रस्तुत होता है। ट्रंप के शब्दों और उनकी फंड रेजिंग शैली ने यह धारणा मजबूत की है कि उनके लिए राजनीति में पैसा, पहुंच और सौदेबाजी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।