अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप के रूस से डीजल आयात के फैसले पर उठाए सवाल
ट्रंप का विवादास्पद निर्णय
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 12 अक्टूबर - अमेरिका में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से डीजल आयात की अनुमति देने के निर्णय की वैधता पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यह कदम उस कानून के खिलाफ है, जिसके तहत रूस के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाया गया था, जब तक कि मॉस्को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध समाप्त नहीं करता। ट्रंप ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद यह घोषणा की थी कि रूस से 3,00,000 टन डीजल अमेरिका और वैश्विक बाजार में भेजा जाएगा। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर जीन शाहीन, रिचर्ड ब्लूमेंथल, रॉन वाइडन और रिपब्लिकन पार्टी के सुसैन कॉलिन्स, लिसा मर्कोवस्की, थॉम टिलिस और जॉन कर्टिस ने एक बयान में कहा, "कांग्रेस ने 2022 में स्पष्ट रूप से रूसी ऊर्जा के आयात पर प्रतिबंध लगाया था ताकि पुतिन के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित होने से रोका जा सके।"
सीनेटरों ने यह भी कहा कि ट्रंप का यह निर्णय सीधे उस कानून का उल्लंघन है। ट्रंप ने रूस से तेल आयात की अनुमति देने का यह निर्णय तब लिया है, जब अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में भारी बहुमत से ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून’ पारित किया था।
इस कानून के तहत राष्ट्रपति को मॉस्को पर व्यापक प्रतिबंध लगाने और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का अधिकार दिया गया है, जिसमें भारत और चीन भी शामिल हैं। सांसदों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इस निर्णय को सही ठहराने के लिए न तो कांग्रेस से परामर्श किया और न ही कानून के तहत आवश्यक स्पष्टीकरण दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि 2022 का कानून पारित करते समय कांग्रेस ने स्पष्ट किया था कि अमेरिका को रूस से तब तक तेल आयात नहीं करना चाहिए, जब तक वह यूक्रेन के खिलाफ अपनी आक्रामकता बंद नहीं कर देता। सांसदों ने कहा, "जब रूस यूक्रेन के नागरिकों की हत्या कर रहा है, तब अमेरिका को पुतिन को आर्थिक संकट से उबरने का सहारा नहीं देना चाहिए। प्रशासन को तुरंत अपना निर्णय बदलना चाहिए।
