अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए एसआईटी का गठन
चढ़ावे की चोरी का मामला बढ़ता जा रहा है
लखनऊ। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के पैसे की चोरी का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब इस चोरी का आरोप लगाया, तो उन पर हमले शुरू हो गए थे। लेकिन अब सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के लिए तीन सदस्यों की एसआईटी का गठन किया है। इस बीच, मंदिर के एक कर्मचारी के पास लाखों रुपए मिलने की खबर भी आई है।
चोरी के आरोप और एसआईटी का गठन
मंदिर के चढ़ावे से सात करोड़ रुपए की चोरी का आरोप लगाया गया है। पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन जब यह मामला बढ़ने लगा, तो मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एसआईटी से जांच कराने की मांग की। इसके कुछ घंटों बाद ही सरकार ने तीन सदस्यों की एसआईटी का गठन कर दिया।
इस एसआईटी में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन शामिल हैं। एसआईटी प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिन में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन में पेश करेगी। इसके साथ ही, यह भी सुझाव देगी कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को कैसे रोका जा सकता है।
कर्मचारी के घर से बरामद पैसे
इस बीच, मंदिर के कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं। उसने इन पैसों को गोबर में छिपा रखा था। इसके अलावा, कुछ पैसे बक्से में भी रखे गए थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये पैसे किसके हैं। लवकुश के पिता ने बताया कि उनके बेटे की नौकरी कुछ महीने पहले मंदिर में लगी थी और उन्होंने पैसे मिलने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार, लवकुश मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने का काम करता था। यह भी बताया जा रहा है कि उसकी नौकरी उसके ससुर ने लगवाई थी। लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा पहले से मंदिर में कार्यरत है। दोनों को फिलहाल पुलिस हिरासत में रखा गया है।
