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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक: CEO चयन और धार्मिक समिति का गठन

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ट्रस्ट ने एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने और CEO के चयन पर चर्चा की। इसके अलावा, एक नई धार्मिक समिति का गठन भी किया गया है, जो मंदिर के संचालन में मार्गदर्शन करेगी। बैठक में अर्चकों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया। जानें इस बैठक के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक का सारांश

अयोध्या : बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में यह तय किया गया कि ट्रस्ट के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया जाएगा, जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन पर अंतिम निर्णय लगभग एक महीने बाद लिया जाएगा। बैठक करीब ढाई घंटे तक चली, जिसमें मंदिर की व्यवस्थाओं, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की कार्ययोजना पर गहन चर्चा की गई। ट्रस्ट ने धार्मिक गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए एक नई धार्मिक समिति के गठन को भी मंजूरी दी, जिसकी अध्यक्षता गोविंद देवगिरी करेंगे। इस समिति में अयोध्या के पांच संतों के साथ चार बाहरी सदस्य भी शामिल होंगे, जो मंदिर के संचालन और धार्मिक व्यवस्थाओं में मार्गदर्शन करेंगे।


बैठक में अर्चकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया, ताकि पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रशिक्षित पुजारियों की व्यवस्था की जा सके। हालांकि, नियमित महासचिव की नियुक्ति पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह बैठक हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के संदर्भ में हुई, इसलिए ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कुछ ट्रस्ट सदस्य अयोध्या में उपस्थित रहे, जबकि दिल्ली और लखनऊ से कुछ ट्रस्टी डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


ट्रस्ट ने CEO पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए थे। बताया जा रहा है कि इस पद के लिए हजारों आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। हालांकि, ट्रस्ट ने आवेदन की आधिकारिक संख्या का खुलासा नहीं किया है।


CEO के चयन के लिए बनाई गई विशेषज्ञ समिति आवेदनों की जांच कर योग्य नाम ट्रस्ट को सौंपेगी। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और एनआईटी रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा। नए CEO की नियुक्ति का उद्देश्य वित्तीय निगरानी को मजबूत करना, जवाबदेही बढ़ाना और राम मंदिर के दैनिक संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।