अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: आरएसएस प्रमुख की संक्षिप्त प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में राम मंदिर दान विवाद
नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी संदर्भ में नागपुर में आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत से सवाल किया गया। उन्होंने केवल 'राम-राम' कहकर संक्षिप्त उत्तर दिया और आगे बढ़ गए। इससे पहले संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने मंदिर प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता पर भी जोर दिया।
मोहन भागवत की प्रतिक्रिया
नागपुर में पत्रकारों ने मोहन भागवत से पूछा कि क्या कुछ लोग भगवान राम के प्रति श्रद्धा को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर उन्होंने केवल 'राम-राम' कहा और बिना किसी अन्य टिप्पणी के आगे बढ़ गए। उनकी यह संक्षिप्त प्रतिक्रिया राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
आरएसएस की चिंता
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राम मंदिर दान मामले ने राम भक्तों और समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए।
पारदर्शिता की अपील
होसबाले ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना है कि यदि मंदिर के प्रबंधन में कोई कमी है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। पारदर्शी व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा और विवाद से जुड़ी अनिश्चितता समाप्त होगी।
गिरफ्तारियों की संख्या
इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दान की गिनती से जुड़े छह आउटसोर्स कर्मचारी और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। गिरफ्तार कर्मचारियों में अविनाश शुक्ला का नाम भी है, जिनसे जांच एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी आपराधिक जांच को तेज करते हुए आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर कई स्थानों पर जांच की। पुलिस ने उनसे पूछताछ के बाद अयोध्या और उनके पैतृक जिले प्रतापगढ़ में भी जांच की। दूसरी ओर, राज्य सरकार की विशेष जांच टीम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की अलग से जांच कर रही है।
