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अलास्का में हमनाम उम्मीदवारों का चुनावी विवाद: ट्रंप का आरोप

अलास्का में आगामी मध्यावधि चुनावों में एक दिलचस्प विवाद सामने आया है, जहां एक समान नाम वाले उम्मीदवार ने चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे चुनावी धोखाधड़ी करार दिया है और न्याय विभाग से जांच की मांग की है। इस मामले में डेमोक्रेटिक पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और ट्रंप की प्रतिक्रिया।
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अलास्का में चुनावी हलचल

(विजय जोशी) वाशिंगटन, 30 अक्टूबर: भारत में शायद ही किसी को याद होगा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा सीट पर हेमा मालिनी का मुकाबला एक अन्य हेमा मालिनी से हुआ था। इसी तरह, 2019 में वायनाड सीट पर राहुल गांधी के सामने एक और राहुल गांधी और रघुल गांधी नाम का एक उम्मीदवार भी था। अब, अमेरिका के अलास्का राज्य में एक समान नाम वाले उम्मीदवार ने मध्यावधि चुनावों में एक नया मोड़ ला दिया है। ये चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और लोकप्रियता पर जनमत संग्रह के रूप में देखे जा रहे हैं। ट्रंप इस विवाद का राजनीतिक लाभ उठाने में जुटे हैं।


डेमोक्रेट्स की रणनीति पर सवाल

यह विवाद डेमोक्रेटिक पार्टी की एक रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। अधिकांश जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, तीन नवंबर को होने वाले प्रतिनिधि सभा और सीनेट के चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स से पीछे चल रही है। अलास्का में सीनेट चुनाव में मौजूदा सांसद डेनियल सुलिवन का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला से है। लेकिन चुनावी मैदान में एक तीसरा उम्मीदवार भी है, जिनका नाम भी डेनियल सुलिवन है।


ट्रंप का आरोप और न्याय विभाग की जांच

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि शिक्षक सुलिवन की उम्मीदवारी पेल्टोला की टीम की योजना का हिस्सा है। ट्रंप ने इसे चुनावी धोखाधड़ी करार देते हुए न्याय विभाग से जांच की मांग की। उनका आरोप है कि डेमोक्रेट्स ने जानबूझकर एक 'डमी' उम्मीदवार को उतारा है ताकि मतदाता भ्रमित हों। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'यह उच्चतम स्तर की चुनावी धोखाधड़ी है।'


न्याय विभाग की तेजी से जांच

सीएनएन ने बताया कि न्याय विभाग ने इस मामले में तेजी से आपराधिक जांच शुरू की है। ग्रैंड जूरी ने नए समन जारी किए हैं और नए आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, किसी समान नाम वाले व्यक्ति का चुनाव लड़ना गैरकानूनी नहीं है। मतपत्र पर दोनों सुलिवन के नाम स्पष्ट रूप से अलग हैं।


राजनीतिक धारणा का महत्व

राजनीतिक विश्लेषक स्टीफन कॉलिन्सन ने कहा कि ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर चुनावी धांधली के झूठे आरोप लगाते रहे हैं। अब उन्हें एक ऐसा मामला मिला है, जिसका वे अपने अनुसार उपयोग कर सकते हैं। चाहे असली डैन सुलिवन जीतें या हारें, ट्रंप इस मामले को उठाएंगे।


भारत में भी ऐसे मामले

भारत में भी 2024 में हमनाम उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया। कांग्रेस नेता अजीत जोगी ने 2014 में छत्तीसगढ़ में ऐसे ही 'डमी' उम्मीदवारों का उपयोग किया था।