Newzfatafatlogo

आजमगढ़ में मतदाता सूची में गड़बड़ी: चुनावी अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

आजमगढ़ में मतदाता सूची की जांच ने चुनावी प्रशासन में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी ने विकास यादव नाम की बार-बार उपस्थिति पर आपत्ति जताई, जिसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी। जांच में कई विसंगतियां सामने आईं, जिसके चलते संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जानें इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
 | 

मतदाता सूची की जांच में उठे सवाल


आजमगढ़ के चुनावी प्रशासन में मतदाता सूची की जानकारी की जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा क्षेत्र संख्या 347 में विकास यादव नाम की बार-बार उपस्थिति पर समाजवादी पार्टी ने आपत्ति जताई। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।


जांच के परिणाम और कार्रवाई

जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों को उनके पदों से हटाने और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई में पांच बूथ लेवल अधिकारी, एक कंप्यूटर सहायक और तीन निर्वाचन अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, विभाग ने आजमगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इसी तरह की गड़बड़ियों की जांच करने का भी आदेश दिया है।


समाजवादी पार्टी की शिकायत

समाजवादी पार्टी ने 15 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस वार्ता में बताया कि विधानसभा क्षेत्र संख्या 347 की मतदाता सूची में विकास यादव नाम दस बार दर्ज है। इस शिकायत के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी।


जांच में मिली विसंगतियां

जांच में पाया गया कि विकास यादव नाम की कुल 13 प्रविष्टियां थीं। इनमें से दो पहले ही हटाई जा चुकी थीं, जबकि बाकी 11 प्रविष्टियां अलग-अलग गांवों में रहने वाले व्यक्तियों से संबंधित थीं। इसका मतलब है कि समान नाम होने के बावजूद सभी प्रविष्टियां एक ही व्यक्ति की नहीं थीं।


दस व्यक्तियों के विवरण में सुधार

जांच रिपोर्ट के अनुसार, असली विकास यादव को छोड़कर अन्य दस व्यक्तियों के नामों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरे गए। यह फॉर्म मतदाता सूची में संशोधन के लिए उपयोग किया जाता है। एक अन्य मतदाता का मामला भी सामने आया, जिसका नाम और पिता का नाम समान था, लेकिन वह गोरखपुर जिले का निवासी था।


कर्मचारियों को हटाने के निर्देश

निर्वाचन विभाग ने संबंधित कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची से जुड़े कार्यों से तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। इन कर्मचारियों को सेवा से हटाने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।


वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई

इस मामले में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मतदाता सूची तैयार करने में लापरवाही के आरोपों के संबंध में आरोपपत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।


जिला की रिपोर्ट की मांग

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को आजमगढ़ की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।


आगे की प्रक्रिया

आगे की प्रक्रिया में कर्मचारियों के जवाब, विभागीय जांच और अन्य विधानसभा सीटों से मिलने वाले निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। निर्वाचन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।