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इजराइल का पत्रकारों पर विवादास्पद आरोप: आतंकवादियों के रूप में पहचान

इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ पत्रकार आतंकवादियों के रूप में काम कर रहे हैं। इस विवादास्पद बयान में इजराइल ने दो पत्रकारों की तस्वीरें पेश की हैं, जिन्हें उन्होंने आतंकवादी बताया है। इसके अलावा, इजराइल ने एक यूएन कर्मचारी को भी बेनकाब किया है, जिसे पहले एक सामान्य कर्मचारी के रूप में प्रस्तुत किया गया था। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिसमें भारत के खिलाफ काम करने वालों को भी उजागर करने की मांग की जा रही है।
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इजराइल का ऐलान

इजराइल ने इतिहास में पहली बार संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों के खिलाफ एक चौंकाने वाला बयान दिया है। इजराइल के राजदूत डेनी डेनिन ने बताया कि कैसे फिलिस्तीन पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार दिन में कैमरा थामते हैं, लेकिन रात में हथियार उठाते हैं। उन्होंने दो पत्रकारों की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि ये दोनों वास्तव में आतंकवादी हैं, जिन्हें फिलिस्तीन पर गलत जानकारी फैलाने के लिए नियुक्त किया गया था। डेनिन ने कहा कि मोहम्मद नासेर, जो अल इस्तकलाल चैनल के लिए काम करता था, और अहमद विशा, जो अल जजीरा के लिए रिपोर्टिंग कर रहा था, दोनों आतंकवादी हैं।


पत्रकारों की पहचान

इजराइल ने इन पत्रकारों की तस्वीरें दिखाकर सबूत पेश किए हैं, जो निश्चित रूप से चौंकाने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि अल जजीरा भारत के खिलाफ भी नकारात्मक रिपोर्टिंग करता है। इसके अलावा, इजराइल ने गाजा में काम कर रहे एक यूएन एजेंसी के कर्मचारी मोहम्मद अबू इताबी को भी बेनकाब किया, जो इजराइल के हमले में मारा गया था। इजराइल ने कहा कि यह व्यक्ति वास्तव में हमास का आतंकवादी था, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने पहले इसे अपने कर्मचारी के रूप में बताया था।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कई लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जो लोग भारत के खिलाफ काम करते हैं, उन्हें भी इसी तरह उजागर किया जाना चाहिए। इजराइल द्वारा पत्रकारों को बेनकाब करने के इस कदम पर लोगों की राय जानने की उत्सुकता है कि क्या यह सही था या नहीं।