इजराइल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट: विपक्ष ने उठाए चार महत्वपूर्ण सवाल
नेतन्याहू की कुर्सी पर खतरा
इजराइल के लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंडमिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति अब संकट में है। विपक्ष के नेता गादी आइजनकोर्ट ने नई सरकार बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं, जो चुनावी परिदृश्य को बदल सकती हैं। आइजनकोर्ट की चार प्रमुख मांगों में हरेदी समुदाय को सेना में शामिल करना, इजराइल को यहूदी और लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाए रखना, और गाजा में हमास के शासन को समाप्त करना शामिल है।
दिलचस्प बात यह है कि जिन अरब पार्टियों के पास 19 सीटें हैं, उन्होंने भी आइजनकोर्ट का समर्थन करने का निर्णय लिया है। इससे विपक्षी खेमे की सीटों की संख्या 48 से बढ़कर 67 हो सकती है, जो बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटों से कहीं अधिक है। इस स्थिति में सवाल उठता है कि क्या नेतन्याहू का शासन समाप्त होने वाला है।
आइजनकोर्ट की शर्तें
27 अक्टूबर को हुए चुनाव में इजराइल की संसद में 120 सीटें हैं, और बहुमत के लिए 61 सीटों की आवश्यकता है। हालाँकि, नेतन्याहू का गठबंधन केवल 53 सीटों पर सिमट गया है। आइजनकोर्ट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को 48 सीटें मिली हैं, जबकि अरब पार्टियों के पास 19 सीटें हैं। इस प्रकार, सरकार बनाने की कुंजी अब उन 19 सांसदों के हाथ में है जो अरब पार्टियों से आते हैं।
आइजनकोर्ट ने नई सरकार के लिए चार शर्तें रखी हैं। पहली, इजराइल को यहूदी, लोकतांत्रिक और उदार राष्ट्र बनाए रखना है। दूसरी, सभी नागरिकों के लिए सैन्य या राष्ट्रीय सेवा अनिवार्य होनी चाहिए, जिसमें हरेदी समुदाय भी शामिल होगा। तीसरी शर्त 1948 के स्वतंत्रता घोषणा पत्र के सिद्धांतों का पालन करना है। चौथी शर्त गाजा में हमास के शासन और सैन्य ताकत को समाप्त करना है।
संसद में सीटों का बंटवारा
इजराइल की संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान में, नेतन्याहू के गठबंधन के पास 53 सीटें हैं, जबकि आइजनकोर्ट का विपक्षी खेमे 48 सीटों पर है और अरब पार्टियों के पास 19 सीटें हैं। इस प्रकार, सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका 48 और 19 सीटों के मिलन से बनती है।
नेतन्याहू के खेमे में लिक्विड पार्टी की 27, यूनाइटेड टोरा जुडिज्म की 7, ओजमा यहूदित की 7, और शास की 6 सीटें शामिल हैं, जिससे कुल 53 सीटें बनती हैं। आइजनकोर्ट के खेमे में याशार की 21, बियाद की 12, डेमोक्रेट्स की 8, और येल बेतेनू की 7 सीटें हैं, जो मिलकर 48 सीटें बनाती हैं। अरब पार्टियों में जॉइंट लिस्ट की 11 और राम की 8 सीटें हैं, जिससे कुल 19 सीटें बनती हैं।
