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इजरायल में चुनावों के बाद राजनीतिक अनिश्चितता का दौर

इजरायल में हालिया संसदीय चुनावों के परिणामों ने राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दिया है। एग्जिट पोल के अनुसार, नेतन्याहू की 'लिकुड' पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन विपक्षी गठबंधन ने उन्हें चुनौती दी है। मतदान प्रतिशत 77.7% रहा, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है। अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण हो सकता है। जानें आगे की प्रक्रिया और संभावित गठबंधन के बारे में।
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इजरायल में चुनाव परिणामों के बाद की स्थिति

हाल ही में इजरायल में हुए संसदीय चुनावों के परिणामों ने देश में एक बार फिर गंभीर राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दिया है। एग्जिट पोल के अनुसार, 120 सदस्यों वाली इजरायली संसद (नेसेट) में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा है। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की 'लिकुड' पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है, लेकिन पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने उन्हें चुनौती दी है।


चुनाव के आंकड़े और अनुमानों का विश्लेषण

मंगलवार को तीन प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स द्वारा जारी अनुमानों के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को लगभग 50 सीटें मिलने की संभावना है, जो बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटों से कम है। विपक्षी गुट को 52-53 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 17-18 सीटें मिल सकती हैं। केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, मतदान प्रतिशत 77.7% रहा, जो 2022 के चुनावों की तुलना में 7.1 प्रतिशत अंक अधिक है।


नेतन्याहू और आइसेनकोट के बीच की प्रतिस्पर्धा

'i24NEWS' के एक अलग एग्जिट पोल में नेतन्याहू के लिए थोड़ी बेहतर स्थिति दिखाई गई है, जिसमें उनके गुट को 55 सीटें मिलने की संभावना है। हालांकि, किसी भी पक्ष के पास सरकार बनाने का स्पष्ट रास्ता नहीं है, जिससे गठबंधन बनाने के लिए लंबी बातचीत की आवश्यकता हो सकती है।


अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों की भूमिका

अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों का प्रदर्शन चुनाव में महत्वपूर्ण हो सकता है। ये पार्टियां नेतन्याहू का विरोध करती हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी गुट का औपचारिक हिस्सा नहीं हैं। चैनल 13 और 'कान' के अनुसार, इन पार्टियों को कुल 17 सीटें मिल सकती हैं।


गठबंधन सरकार की संभावनाएं

नेतन्याहू के लिए सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटाना मुश्किल हो सकता है। यदि वह विपक्ष को गठबंधन बनाने की कोशिश करने देते हैं, तो यह स्थिति एक और चुनाव की ओर ले जा सकती है।


आगे की प्रक्रिया

केंद्रीय चुनाव समिति ने मतों की गिनती शुरू कर दी है, और अंतिम गिनती 30 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है। आधिकारिक नतीजे 4 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इजरायल की 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' प्रणाली के तहत, राष्ट्रपति राजनीतिक दलों से बातचीत करेंगे और उस नेता को सरकार बनाने के लिए नामित करेंगे, जिसके पास सबसे ज्यादा समर्थन होगा।