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इमरान खान की जेल में बढ़ती नाराजगी, पार्टी नेता ने दी चेतावनी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में निरंतरता से बढ़ती नाराजगी के चलते उनके सुलह के प्रयास भी बेकार साबित हो सकते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता सोहेल अफरीदी ने चेतावनी दी है कि यदि खान को मिलने नहीं दिया गया, तो देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे। खान की स्वास्थ्य स्थिति और न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। जानें इस स्थिति के पीछे की पूरी कहानी और क्या हो सकता है आगे।
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पाकिस्तान में इमरान खान की स्थिति पर चिंता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में निरंतरता से बढ़ती नाराजगी के चलते लोगों का गुस्सा इस हद तक बढ़ सकता है कि उनके सुलह के प्रयास भी बेकार साबित हो सकते हैं। यह बयान मंगलवार को उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' के एक वरिष्ठ नेता ने दिया। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी, जिनकी पार्टी वहां सत्ता में है, ने कहा कि उन्हें युवाओं में असंतोष की लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि युवाओं की आंखों में क्रांति की चिंगारी देखी जा सकती है, जिसे कोई भी नियंत्रित नहीं कर सकता।


खान के समर्थन में संभावित विरोध प्रदर्शन

अफरीदी ने चेतावनी दी कि यदि खान को इस हफ्ते जेल में मिलने आने वाले पार्टी सहयोगियों से मिलने नहीं दिया गया, तो देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने कहा कि खान की पार्टी के सभी सांसद गुरुवार को जेल जाएंगे और यदि मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई, तो "पूरा पाकिस्तान" विरोध प्रदर्शनों का सामना करेगा।


खान की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता

73 वर्षीय इमरान खान 2023 से पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। उनकी पार्टी ने बार-बार आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने उन्हें परिवार के सदस्यों और पार्टी सहयोगियों से मिलने नहीं दिया है, और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं, जिसमें आंखों की एक समस्या भी शामिल है, को नजरअंदाज किया जा रहा है। अफरीदी ने कहा कि जनता का गुस्सा इतना बढ़ सकता है कि यदि खान सुलह की अपील भी करें, तो भी लोग शांति की अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे।


न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल

अफरीदी ने खान की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने कभी भी मेडिकल आधार पर जेल से राहत की मांग नहीं की थी। उन्होंने कहा कि खान को झूठे मामलों में अन्यायपूर्ण तरीके से जेल में रखा गया है और चेतावनी दी कि जो लोग इस अन्याय के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। न्यायपालिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि एक भी जज न्याय के लिए खड़ा होता है, तो इससे दूसरों को भी ऐसा करने का हौसला मिलेगा।