Newzfatafatlogo

इमरान खान की सलामती पर सवाल: जेल में स्वास्थ्य संकट और राजनीतिक तनाव

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पत्रकार वजाहत सईद खान के बिना पुष्टि वाले दावे ने उनकी सलामती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में एक बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इस बीच, अमेरिकी सांसदों ने भी इमरान खान की हिरासत की स्थिति पर चिंता जताई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 | 

इमरान खान की स्थिति पर चिंता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल से रिहाई को लेकर पिछले कुछ महीनों से सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनकी संभावित मौत की अफवाहें फैल गई थीं, जिससे उनकी सलामती को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। पत्रकार वजाहत सईद खान ने बिना पुष्टि के यह दावा किया है कि सेना के तीन वरिष्ठ सूत्रों का मानना है कि इमरान खान की जेल में मौत हो गई होगी। यह दावा ऐसे समय में आया है जब उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। मंगलवार को, इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (PTI) ने शिकायत की कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने नहीं दिया जा रहा है।


राजनीतिक तनाव और प्रदर्शन की चेतावनी

इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताएं अब एक बड़े टकराव का कारण बन रही हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और PTI नेता सोहेल अफरीदी ने कहा है कि "20 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं" और चेतावनी दी है कि पाकिस्तान के युवाओं का गुस्सा बढ़ सकता है। PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक एक 'लॉन्ग मार्च' का ऐलान किया है और कहा है कि अगर इमरान के परिवार और डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया गया, तो वे पहले भी विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की हिरासत की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।


इमरान खान की जेल में सजा

इमरान खान 5 अगस्त, 2023 से जेल में हैं और उन्हें 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है। इसी मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जनवरी 2025 में सात साल की सजा दी गई थी। दोनों ने अपनी सजा को चुनौती दी है। इसके अलावा, इमरान पर 9 मई, 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसमें PTI समर्थकों ने सेना के ठिकानों पर हमले किए थे।