ईडी का बड़ा ऑपरेशन: अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
नई दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिकों को लक्षित करते हुए फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से धोखाधड़ी और जबरन वसूली के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। ईडी के हैदराबाद कार्यालय ने 15 सितंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार स्थानों पर छापे मारे।
तीन सक्रिय फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा
जांच के दौरान तीन सक्रिय फर्जी कॉल सेंटरों का पता चला, जिनमें से दो पटियाला और एक पुणे में स्थित थे। इन केंद्रों पर लगभग 220 लोग काम कर रहे थे। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन, नेटवर्किंग उपकरण और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई।
अमेरिकी नागरिकों से धोखाधड़ी का आरोप
ईडी के अनुसार, इन कॉल सेंटरों ने अमेरिकी नागरिकों को फोन करके झूठे बहाने बनाकर उनसे पैसे वसूलने का प्रयास किया। पटियाला के दोनों केंद्रों में धोखाधड़ी और जबरन वसूली से संबंधित सबूत मिले हैं। संचालकों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से गिरोह की कार्यप्रणाली और पीड़ितों से प्राप्त धन के वितरण से संबंधित डेटा भी प्राप्त हुआ।
पुणे के केंद्र में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की गतिविधियाँ चल रही थीं।
चंडीगढ़ में मिला कथित 'कंट्रोल रूम'
चंडीगढ़ का एक आवासीय परिसर पूरे नेटवर्क का 'कंट्रोल रूम' के रूप में कार्य कर रहा था। ईडी के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता यहीं से पटियाला के कॉल सेंटरों का समन्वय और नियंत्रण कर रहा था। परिसर से कई डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
आर्थिक कड़ी की जांच जारी
डॉलर से रुपये में लेन-देन से जुड़े एक व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक कड़ी और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
