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ईडी ने बिहार में अवैध बालू खनन मामले में छापेमारी की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार में 130 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत तीन राज्यों में छापेमारी की। इस कार्रवाई में बिहार के बांका और पटना, राजस्थान के श्रीगंगानगर और जयपुर, तथा दिल्ली में कुल आठ स्थानों पर तलाशी ली गई। जांच महादेव एन्क्लेव नामक कंपनी से संबंधित है, जो बिना अनुमति के बालू खनन कर रही थी। ईडी ने इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
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ईडी की छापेमारी


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बिहार में 130 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत तीन राज्यों में छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।


जांच के दौरान, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बिहार के बांका और पटना, राजस्थान के श्रीगंगानगर और जयपुर, तथा दिल्ली में कुल आठ स्थानों पर तलाशी ली गई।


यह जांच महादेव एन्क्लेव नामक कंपनी से संबंधित है, जो बांका जिले में स्थित है। यह कंपनी अशोक चांडक और उनके पुत्र राघव चांडक के नियंत्रण में है, जो श्रीगंगानगर के निवासी हैं।


प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कंपनी ने बिहार के खनन विभाग की अनुमति के बिना बांका जिले में अवैध रूप से बालू खनन किया।


ईडी के पटना कार्यालय ने अक्टूबर 2024 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना से बांका जिले के नदी घाटों का भू-स्थानिक विश्लेषण करने का अनुरोध किया था।


आईआईटी की रिपोर्ट में यह पाया गया कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच 131 करोड़ रुपये मूल्य की बालू का अवैध खनन किया।


ईडी ने पीएमएलए के तहत यह जानकारी बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड के साथ साझा की, जिसके बाद राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने अगस्त 2025 में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन का मामला इसी प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है।