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ईरान और अमेरिका के बीच खतरनाक साजिश का पर्दाफाश

हाल ही में खाड़ी देशों से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जिसमें ईरान और अमेरिका के बीच एक खुफिया साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस साजिश में इजराइल की भूमिका और अमेरिका का हस्तक्षेप शामिल है। यदि यह योजना सफल होती, तो दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आग में जल सकती थी। जानें इस साजिश के पीछे की कहानी और अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं।
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खाड़ी देशों में खुफिया साजिश का खुलासा

राजनीतिक खेल में भले ही कितने भी मोहरे बिछाए जाएं, लेकिन जब शांति की बात आती है, तो युद्ध के समर्थकों की नींद उड़ जाती है। हाल ही में खाड़ी देशों से एक चौंकाने वाली खबर आई है जिसने वैश्विक समुदाय को चौंका दिया है। एक खुफिया साजिश, यदि सफल होती, तो आज आधी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की आग में जल रही होती। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से खूनी संघर्ष की संभावना बढ़ गई थी, जिसकी तबाही का अनुमान लगाना भी कठिन था। इस स्थिति का मुख्य कारण इजराइल के खतरनाक इरादे थे। इजराइल ने अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल ईरान के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन अमेरिका को इस योजना की भनक लग गई।


अमेरिका का हस्तक्षेप

वाशिंगटन ने तुरंत अपने खुफिया नेटवर्क को सक्रिय किया और इजराइल पर दबाव डालकर उसे अपने कदम पीछे खींचने के लिए मजबूर किया। इस तरह ईरान के दो प्रमुख नेताओं की जान बच गई। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को इस साल की शुरुआत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेरी अलीबाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। ये दोनों नेता अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष शांति वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि इन नेताओं पर हमला होने से शांति वार्ता का पूरा ढांचा बिखर सकता है।


खुफिया जानकारी और सुरक्षा चिंताएं

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ा, तब अमेरिकी अधिकारियों ने अराकची और बागेरी को वैध सैन्य लक्ष्य माना। लेकिन जैसे ही कूटनीति की प्रक्रिया शुरू हुई, अमेरिका का दृष्टिकोण बदल गया। ईरान की आक्रामकता ने अमेरिका को चिंतित कर दिया। बाद में, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को भी पता चला कि बागेरी इजराइल की हिट लिस्ट में थे। इस पर अमेरिका ने इजराइल को चेतावनी दी कि वह ऐसी किसी कार्रवाई से बचें।


ईरान की सुरक्षा के लिए अमेरिका की गारंटी

अप्रैल में, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डिवेंस पाकिस्तान के दौरे पर थे, ईरान के स्पीकर बागेरी भी इस्लामाबाद पहुंचे। इस यात्रा से पहले ईरान ने अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी मांगी थी। ईरानी अधिकारियों को डर था कि इजराइल इस यात्रा का फायदा उठाकर बागेरी को निशाना बना सकता है। जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विमान लौट रहा था, तो पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने उनकी सुरक्षा की। लेकिन ईरानी खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी ने सबको चौंका दिया। उन्हें पता चला कि इजराइल के दो फाइटर जेट्स ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस चुके हैं और वे बागेरी के विमान को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। इस खतरे के चलते ईरानी विमान को तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।