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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव: हमले और जवाबी कार्रवाई

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर से संघर्ष को जन्म दिया है। अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। इस लेख में हम इन घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, जिसमें हमलों के परिणाम और ईरान की नई रणनीति पर चर्चा की जाएगी। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष


नई दिल्ली। अमेरिका ने दो दिन की शांति के बाद फिर से ईरान पर हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। मंगलवार रात, अमेरिकी सेना ने सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान के अनुसार, इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है और 68 लोग घायल हुए हैं।


ईरान ने बुधवार को बताया कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से पांच लोगों की जान गई, जिनमें एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। खुजस्तान प्रांत में हुए हमले में सात लोगों की मौत और आठ लोग घायल हुए। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि उसने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाने का दावा किया।


अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि उसने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इससे पहले, 30 अगस्त को अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी के पास लारक द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हवाई हमला किया था। ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी हमलों के बाद कड़ी चेतावनी दी है, यह कहते हुए कि तेहरान की नई रणनीति अमेरिका की बुनियाद को हिला देगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीति और आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने के लिए नई रणनीति अपनाएगा।