ईरान के नेतृत्व पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणी: बातचीत की जटिलता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और समझने में कठिन बताया। उन्होंने बातचीत की जटिलता और अमेरिका के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। वेंस ने ईरान में विभिन्न गुटों के बीच मतभेदों को भी उजागर किया और भविष्य में संभावित समझौतों के बारे में अपने विचार साझा किए।
| Aug 6, 2026, 13:47 IST
ईरान के नेतृत्व की स्थिति पर उपराष्ट्रपति की राय
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और समझने में कठिन बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत एक जटिल प्रक्रिया होगी, जो "उलझी हुई" हो सकती है और नतीजे तक पहुँचने में समय लगेगा। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन अपने हितों को साधने के लिए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक उपायों का सहारा लेगा।
बातचीत में बाधाएँ
फॉक्स न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में, वेंस ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में आपसी मतभेदों ने समाधान की कोशिशों को कठिन बना दिया है। 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के विफल होने के बाद तनाव में कुछ कमी आई थी, जिसके बाद ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू हुई है। उन्होंने बताया कि ईरान में कुछ गुट संघर्ष समाप्त करना चाहते हैं, जबकि अन्य गुट दुश्मनी जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
ईरानी लोगों की जटिलता
वेंस ने कहा कि ईरानी लोग स्वभाव से बहुत जटिल होते हैं। उन्होंने बताया कि उनके सिस्टम में कुछ ऐसे लोग हैं जो युद्ध समाप्त करना चाहते हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी युद्ध जारी रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम इन हालात को संभालना और अमेरिकी लोगों के लिए सबसे अच्छा नतीजा हासिल करना है।
भविष्य की संभावनाएँ
वेंस ने यह भी कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता जल्दी नहीं होगा, लेकिन उन्हें विश्वास है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा कर लेगा। उन्होंने कहा कि अंततः, हालात में सुधार होगा, तेल की कीमतें कम होंगी और ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उप-राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान नतीजों के बारे में राय बनाने से बचने की सलाह दी।
