ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता को रोका, ट्रंप के बयानों पर नाराजगी
ईरान का वार्ता रोकने का निर्णय
नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के प्रति ईरान की नाराजगी के चलते उठाया गया है। ट्रंप का दावा है कि स्थिति सामान्य है और ईरान परमाणु जांच के लिए तैयार है, लेकिन ईरान ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रंप के बयान से इतनी नाराजगी जताई कि उन्होंने अमेरिका के उप राष्ट्रपति और अन्य प्रतिनिधियों से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया।
गालिबाफ का बयान
ईरान के वार्ताकार और संसद के प्रमुख मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि लगभग 80 मिनट की बातचीत के बाद उन्हें पता चला कि ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति और वार्ता टीम के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए हैं। इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बैठक समाप्त कर दी। अमेरिकी पक्ष ने बाद में मध्यस्थों के माध्यम से एक और बैठक की इच्छा जताई, लेकिन ईरान ने इसे ठुकरा दिया।
उप राष्ट्रपति का बयान
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। जब पत्रकारों ने जेडी वेंस से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने ट्रंप को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कई बार ट्रंप के अचानक और कठोर बयानों से तनाव उत्पन्न होता है।
ट्रंप की धमकी
स्विट्जरलैंड में जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि बातचीत कर रहे थे, तब ट्रंप ने ईरान को धमकी दी कि उसे लेबनान में हिजबुल्ला को परेशान करने से रोकना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान पर बड़ा हमला किया जाएगा। ईरान इस बयान से बेहद नाराज है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी अमीर हातमी पूरदस्तान ने कहा कि ईरान किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान दौरा
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को पाकिस्तान का दौरा किया। यह उनकी पहली विदेश यात्रा है, जो अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद हुई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री ने पेजेशकियन का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान वार्ता की मध्यस्थता कर रहा है।
