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ईरान में अयातुल्ला खामेनई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री

बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री ने ईरान में अयातुल्ला खामेनई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कई प्रमुख नेता शामिल हुए। जानें इस भावुक घटना के बारे में और अंतिम संस्कार की तैयारियों के बारे में।
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ईरान में श्रद्धांजलि समारोह

बिहार के राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और भारत के विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गरी ईरान पहुंचे हैं। उनका उद्देश्य ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। तेहरान के हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया गया, जहां उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की। इस बीच, ईरान के प्रमुख नेता भी खामेनई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जिनमें राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसैनी, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबा और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागाची शामिल हैं। इन नेताओं को खामेनई के ताबूत के सामने भावुक होते हुए देखा गया।


जनाजे की तैयारियां और श्रद्धांजलि समारोह

अयातुल्ला खामेनई के जनाजे की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अंतिम संस्कार से पहले, तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें भारत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। इस भावुक माहौल में, राष्ट्रपति मसूद पेजिशकियान और सांसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर भावुक होकर रोते हुए नजर आए। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें कई देशों के नेता भी शामिल हैं। तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला परिसर में खामेनई का ताबूत राष्ट्रीय ध्वज से ढका हुआ है, साथ ही उनके परिजनों के ताबूत भी हैं, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन हवाई हमले में हुई थी।


अंतिम संस्कार की सुरक्षा व्यवस्था

ईरान की राजधानी में भारी भीड़ को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। अंतिम संस्कार जुलूस में लगभग डेढ़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। भीड़ को संभालने के लिए तेहरान में सभी सार्वजनिक परिवहन मुफ्त किए जाएंगे, और शहर के मुख्य इलाकों को वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। केवल पैदल चलने वालों को जाने की अनुमति होगी। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को सौंपी गई है। तेहरान के कार्यक्रम के बाद, 7 जुलाई को कोम शहर में खामेनई और उनके परिवार के लिए अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा, और अंतिम दफन समारोह 9 जुलाई को मशहद में होगा, जो खामेनई का जन्म स्थान है।